MP कैबिनेट के बड़े फैसले: 12 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की तैयारी, 3,378 करोड़ के विकास कार्य मंजूर

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री  मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में जनसेवा, किसान कल्याण, आर्थिक अनुशासन और ढांचागत विकास से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। बैठक में सबसे अहम मुद्दा प्रदेश के कई हिस्सों में कम बारिश के चलते सूखे के हालात पर केंद्रित रहा, जहां सरकार ने संकट से जूझ रहे 12 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने और उन्हें विशेष आर्थिक व प्रशासनिक मदद देने की ठोस कार्ययोजना तैयार की है। इसके साथ ही विभिन्न संभागों के विकास कार्यों के लिए 3,378 करोड़ रुपये के बजट को भी हरी झंडी दी गई।

कम बारिश वाले 12 जिलों को विशेष राहत, सूखा घोषित करने की तैयारी

प्रदेश के 12 जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज होने पर कैबिनेट ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत के मापदंडों पर विस्तृत चर्चा की। सरकार इन प्रभावित जिलों को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित करने की पूरी तैयारी में है। विशेष आकलन के आधार पर सबसे ज्यादा वर्षा की कमी से जूझ रहे अलीराजपुर सहित इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार, शाजापुर और पांढुर्ना जैसे जिलों पर विशेष फोकस रहेगा। कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित कर तय किया है कि इन क्षेत्रों में किसानों की फसलों के नुकसान का जिलावार सर्वे कर भरपाई की जाएगी तथा ग्रीष्मकाल को देखते हुए पेयजल की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

EOW को 345 करोड़ और नगरीय कार्रवाई

प्रशासनिक शुचिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कैबिनेट ने EOW के सुदृढ़ीकरण के लिए 345 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन को स्वीकृति दी है। बैठक में यह भी साझा किया गया कि नगरीय निकायों में घपले-घोटालों और अनियमितताओं की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकी उपकरणों का सहारा लिया गया है, जिसके आधार पर अब तक 392 लापरवाह व संदेहास्पद लोगों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।

चार प्रमुख जिलों के विकास के लिए 3,378 करोड़ की मंजूरी

राज्य के क्षेत्रीय संतुलन और विकास की गति को निरंतर बनाए रखने के लिए कैबिनेट ने छिंदवाड़ा, सागर, सिवनी और मुरैना जिलों से संबंधित महत्वपूर्ण बुनियादी परियोजनाओं के लिए 3,378 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इसके अतिरिक्त ‘किसान कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत अब तक धरातल पर उतारे गए जनकल्याणकारी कार्यों की प्रगति का कैबिनेट के समक्ष प्रेजेंटेशन दिया गया, जिसमें अन्नदाताओं की आय बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों के विस्तार का रोडमैप प्रस्तुत किया गया।

स्वदेशी दीपावली और आगामी बड़े आयोजन

दीपावली पर्व के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में स्थानीय कुम्हारों को प्रोत्साहित करने और माटी कला को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सरकार ने प्रदेशवासियों से स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए मिट्टी के दीये खरीदने और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की है। बैठक में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित 1,345 शिविरों और 1,600 से अधिक सेवा ज्योति यात्राओं के परिणामों की समीक्षा की गई। साथ ही 31 अक्टूबर को सरदार पटेल जयंती, 1 नवंबर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस और 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती को प्रदेश भर में भव्य स्तर पर मनाने की रूपरेखा भी तय की गई।

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