KBC 18: जुए में गंवाए लाखों, चुकाने के लिए KBC पहुंचे छत्तीसगढ़ के दुर्गा प्रसाद

KBC 18: जुए की लत ने चढ़ाया ₹10 लाख का कर्ज, फिर KBC में जीते ₹12.5 लाख

KBC 18 में छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी शिक्षक दुर्गा प्रसाद साही ने अपनी जिंदगी की ऐसी कहानी सुनाई, जिसने शो के होस्ट अमिताभ बच्चन समेत दर्शकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। पेशे से शिक्षक दुर्गा प्रसाद कभी क्रिकेट के स्कोर का अंदाजा लगाने के शौक के चलते सट्टेबाजी की तरफ बढ़े थे। शुरुआत महज 10-20 रुपये से हुई, लेकिन धीरे-धीरे यही शौक जुए की ऐसी लत में बदल गया कि उन पर करीब 10 लाख रुपये का कर्ज चढ़ गया। जिंदगी के इस मुश्किल दौर से बाहर निकलने के बाद वह KBC 18 की हॉट सीट पर पहुंचे और शानदार खेल दिखाते हुए 12.5 लाख रुपये जीत लिए।

12.5 लाख तक पहुंचा शानदार खेल

KBC 18 में हॉट सीट पर पहुंचे दुर्गा प्रसाद साही ने शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने लगातार सवालों के सही जवाब दिए और देखते ही देखते अपनी राशि को 12.5 लाख रुपये तक पहुंचा दिया। इसके बाद उनके सामने 25 लाख रुपये जीतने का मौका था।

हालांकि, 25 लाख रुपये के सवाल पर वह असमंजस में पड़ गए। उन्हें सवाल का सही जवाब मालूम नहीं था और जोखिम लेने के बजाय उन्होंने गेम छोड़ने का फैसला किया। इस तरह दुर्गा प्रसाद 12.5 लाख रुपये की रकम लेकर शो से बाहर हुए।

25 लाख के सवाल में एनाकोंडा ने उलझाया

25 लाख रुपये के लिए दुर्गा प्रसाद से पूछा गया कि इनमें से किस रेंगने वाले जीव की ज्यादातर प्रजातियां अंडे देने के बजाय सीधे बच्चों को जन्म देती हैं?

इसके विकल्प थे- कोमोडो ड्रैगन, एनाकोंडा, घड़ियाल और गैलापागोस कछुआ।

दुर्गा प्रसाद को इस सवाल का जवाब पता नहीं था। उन्होंने गेम क्विट करना ही बेहतर समझा। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने उनसे पूछा कि अगर उन्हें अंदाजा लगाना हो तो वह किस विकल्प को चुनेंगे। दुर्गा प्रसाद ने घड़ियाल का नाम लिया, लेकिन उनका यह जवाब गलत था। इस सवाल का सही जवाब एनाकोंडा था।

एनाकोंडा क्यों देता है सीधे बच्चों को जन्म?

दरअसल, एनाकोंडा की प्रजनन प्रक्रिया दूसरे कई रेंगने वाले जीवों से अलग होती है। एनाकोंडा ओवोविविपेरस होते हैं। आसान भाषा में समझें तो इनके अंडे मां के शरीर के अंदर ही विकसित होते हैं और वहीं से बच्चे बाहर निकलते हैं।

ग्रीन एनाकोंडा का गर्भकाल करीब छह से सात महीने का बताया जाता है। इसके बाद वह एक बार में कई बच्चों को जन्म दे सकता है। यही वजह है कि 25 लाख रुपये के सवाल में एनाकोंडा सही विकल्प था।

क्रिकेट के शौक से शुरू हुआ था सट्टेबाजी का सफरq

KBC 18 शो के दौरान दुर्गा प्रसाद ने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें क्रिकेट के स्कोर का अंदाजा लगाने का शौक था। दोस्तों के साथ इसी दौरान उन्होंने छोटी रकम से सट्टेबाजी शुरू की।

पहले रकम सिर्फ 10-20 रुपये तक होती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत बढ़ती चली गई। छोटी रकम से शुरू हुआ सिलसिला आखिरकार जुए की लत में बदल गया। इसका असर उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ा और वह कर्ज के जाल में फंसते चले गए।

हालात यहां तक पहुंच गए कि पुराने कर्ज को चुकाने के लिए उन्हें नया कर्ज लेना पड़ता था। कई बार उन्होंने 50 हजार रुपये जैसी बड़ी रकम भी उधार ली। देखते ही देखते उनके ऊपर करीब 10 लाख रुपये का कर्ज हो गया।

स्टूडेंट्स के सामने खुद को लेकर आती थी शर्म

अमिताभ बच्चन से बातचीत के दौरान दुर्गा प्रसाद ने बताया कि उन्हें इस बात का सबसे ज्यादा अफसोस था कि वह अपने छात्रों के सामने एक गलत उदाहरण पेश कर रहे थे। पेशे से शिक्षक होने के बावजूद जुए की लत में फंसने के कारण उन्हें खुद पर शर्म महसूस होती थी।

उन्होंने माना कि उन्होंने जिंदगी में शॉर्टकट के जरिए पैसा कमाने की कोशिश की थी। लेकिन यह रास्ता उन्हें आर्थिक परेशानी और कर्ज की तरफ ले गया। परिवार को भी उनकी परेशानी के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी।

2020 में जिंदगी बदलने का लिया फैसला

दुर्गा प्रसाद ने बताया कि साल 2020 में उन्होंने अपनी जिंदगी बदलने का फैसला किया। परिवार और दोस्तों की मदद से उन्होंने जुए की लत से बाहर निकलने की कोशिश शुरू की। धीरे-धीरे उन्होंने इस आदत को पीछे छोड़ दिया और अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश की।

KBC में आने के पीछे भी उनका एक बड़ा मकसद था, अपने ऊपर चढ़े कर्ज को चुकाना। ऐसे में जब उन्होंने 12.5 लाख रुपये जीते तो यह उनके लिए सिर्फ एक गेम शो की जीत नहीं थी, बल्कि जिंदगी के मुश्किल दौर से निकलने की दिशा में एक बड़ी मदद भी थी।

अमिताभ बच्चन ने दी खास हिदायत

दुर्गा प्रसाद की कहानी सुनने के बाद अमिताभ बच्चन ने उन्हें एक खास सलाह दी। 12.5 लाख रुपये जीतने के बाद बिग बी ने उन्हें साफ तौर पर हिदायत दी कि अब इस पैसे का इस्तेमाल जुए में नहीं करना है।

दुर्गा प्रसाद ने भी भरोसा दिलाया कि वह अब अपनी पुरानी जिंदगी को पीछे छोड़ चुके हैं और दोबारा उस रास्ते पर नहीं जाएंगे। KBC की हॉट सीट से उनकी कहानी सिर्फ 12.5 लाख रुपये की जीत की कहानी नहीं रही, बल्कि यह भी दिखाती है कि गलत आदत कितनी तेजी से इंसान को आर्थिक संकट में धकेल सकती है और सही समय पर लिया गया फैसला जिंदगी को दोबारा बदल सकता है।

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