MBBS इंटर्न्स का प्रदर्शन: 2 पुलिसकर्मी लाइन अटैच, गृह सचिव करेंगे जांच; प्रदेशभर में OPD और रूटीन OT ठप

भोपाल। राजधानी भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के MBBS इंटर्न्स पर वॉटर कैनन और लाठीचार्ज किए जाने के मामले ने मध्य प्रदेश में बड़ा सियासी और प्रशासनिक तूफान खड़ा कर दिया है। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लाठीचार्ज में शामिल 2 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच का जिम्मा अब सीधे गृह सचिव को सौंप दिया गया है।

इधर, पिछले तीन दिनों से सड़क पर डटे आंदोलनकारी छात्र आज अपनी मांगों को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से वार्ता करने मंत्रालय पहुंचे हैं।

लाठीचार्ज मामले में सख्त एक्शन: गृह सचिव संभालेंगे जांच

कमला पार्क पर आंदोलनकारी मेडिकल छात्रों पर हुए पुलिसिया बल प्रयोग के बाद स्वास्थ्य संगठनों और छात्रों में भारी उबाल था। छात्रों की सख्त मांग थी कि जिन अधिकारियों के इशारे पर डॉक्टरों पर लाठियां भांजी गईं और वॉटर कैनन चलाए गए, उन पर त्वरित कार्रवाई की जाए।

प्रशासन ने प्राथमिक कदम उठाते हुए बल प्रयोग में शामिल 2 पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शासन ने गृह सचिव स्तर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है, जो पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।

वल्लभ भवन पहुंचे छात्र, स्टाइपेंड वृद्धि पर आर-पार की बातचीत

लगातार तीन दिनों से चल रहे गतिरोध के बाद आज आंदोलनकारी MBBS इंटर्न्स का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से चर्चा के लिए मंत्रालय पहुंचा।

बीते कल हुई शुरुआती दौर की वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई थी, जिसके बाद छात्र केवल लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए थे। आज की उच्चस्तरीय बैठक में स्टाइपेंड बढ़ोतरी के फॉर्मूले और शासकीय आदेश जारी करने की समय-सीमा पर अंतिम सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।

भोपाल के आक्रोश की आग इंदौर-जबलपुर तक पहुंची: OPD और OT सेवाएं बंद

भोपाल में साथी डॉक्टरों पर हुए लाठीचार्ज और लंबित मांगों के विरोध में यह आंदोलन अब पूरे मध्य प्रदेश में फैल चुका है:

जबलपुर (नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज): जबलपुर में इंटर्न डॉक्टर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। यहां ओपीडी (OPD) और रूटीन ऑपरेशन थिएटर (OT) सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, जिससे अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें लग गई हैं। हालांकि, मानवीय आधार पर आपातकालीन सेवाओं को फिलहाल चालू रखा गया है। छात्रों का कहना है कि वे पिछले 2-3 महीनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने अनसुना कर दिया। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वे इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार कर देंगे।

इंदौर (एमवाय अस्पताल): इंदौर में भी इंटर्न्स ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल के मुख्य द्वार के बाहर 200 से अधिक इंटर्न्स धरने पर बैठ गए हैं। इंदौर में भी आज से ओपीडी और रूटीन सर्जरी पूरी तरह ठप कर दी गई हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं।

इंटर्न डॉक्टर्स की मुख्य मांगें:

स्टाइपेंड में बढ़ोतरी: मध्य प्रदेश में इंटर्न्स को वर्तमान में महज ₹14,000 मासिक स्टाइपेंड मिलता है, जिसे बढ़ाकर अन्य राज्यों की तर्ज पर कम से कम ₹30,000 प्रति माह किया जाए।

ट्यूशन फीस में कटौती: देश भर में मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सबसे अधिक ट्यूशन फीस वसूली जाती है, इसे तार्किक रूप से कम किया जाए।

दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई: भोपाल में निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन चलवाने वाले जिम्मेदार प्रशासनिक व पुलिस अफसरों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का लिखित आदेश जारी हो।

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