CG PWD में बड़ा फेरबदल: 56 इंजीनियरों का तबादला; देखें पूरी ट्रांसफर लिस्ट
रायपुर: छत्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग के कामकाज को लेकर अधिकारियों के स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। PWD ने 56 कार्यपालन अभियंताओं (Executive Engineers) की पदस्थापना में फेरबदल किया है। जारी आदेश के बाद कई संभागों, सेतु संभागों और जिला कार्यालयों में इंजीनियरों की जिम्मेदारियां बदल गई हैं। अधिकारियों को नई जगह पर पहुंचकर अपना कार्यभार संभालने के निर्देश भी दिए गए हैं।
संभागों की जिम्मेदारी में बदलाव
तबादला आदेश के तहत अलग-अलग PWD संभागों में नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संतोष कुमार गुप्ता को लोनिवि रा.रा. संभाग, रायपुर में पदस्थ किया गया है, जबकि रोशन कुमार साहू को बिलासपुर संभाग की जिम्मेदारी मिली है। इसी क्रम में जी.बी.के. खाखा को अंबिकापुर में नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं प्रज्ञानंद को जगदलपुर संभाग का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके पास कोण्डागांव का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।
सेतु संभागों में भी हुआ फेरबदल
तबादला सूची में सेतु संभाग के अधिकारियों की पोस्टिंग में भी बदलाव किया गया है। के. विग्नेश कुमार को सेतु संभाग क्रमांक-1 रायपुर और सत्येंद्र साहू को सेतु संभाग क्रमांक-2 रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा करण पंदरीला को सेतु संभाग जगदलपुर तथा रमेश कुमार वर्मा को सेतु संभाग अंबिकापुर में पदस्थ किया गया है।
इन जिलों में बदले गए अधिकारी
जिला स्तर पर भी कई कार्यपालन अभियंताओं की नई पोस्टिंग की गई है। आदेश के अनुसार सी.एस. ओगरे को रायपुर-1, नीता रामटेके को महासमुंद, के.पी. लहरे को बेमेतरा, एल.एन.एस. राठौर को खैरागढ़ और पूर्णिमा चंद्रा को कवर्धा भेजा गया है। वहीं रामनारायण उसेण्डी को बालोद, बृजभूषण सिंह को मोहला, रितु खरे को राजनांदगांव, भावेश सिंह को जगदलपुर-1 और मनीष साहू को सुकमा में नई जिम्मेदारी दी गई है।
तत्काल संभालना होगा नया पद
विभागीय आदेश के मुताबिक तबादले के बाद संबंधित अधिकारियों को अपनी नई पदस्थापना वाली जगह पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करना होगा। इस बदलाव के बाद विभिन्न क्षेत्रों में PWD के निर्माण कार्यों, सड़क एवं पुल परियोजनाओं तथा अन्य विकास कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी नए अधिकारियों के पास होगी। 56 कार्यपालन अभियंताओं के तबादले के साथ विभाग की मैदानी प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव हुआ है। अब नई पदस्थापना वाले अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित और चल रही परियोजनाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे।
