ग्वादर में धमाका, PoK में बगावत… क्या पाकिस्तान पर बढ़ रहा है सबसे बड़ा संकट?
ग्वादर के जिवानी क्षेत्र में आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा, दूसरी ओर PoK में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने पकड़ी रफ्तार।
पाकिस्तान इस समय आंतरिक चुनौतियों के कई मोर्चों का सामना कर रहा है। एक ओर बलूचिस्तान में सक्रिय बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने सुरक्षा बलों पर बड़े हमले का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज होते दिखाई दे रहे हैं।
BLA ने एक बयान जारी कर दावा किया कि बलूचिस्तान के ग्वादर जिले के जिवानी क्षेत्र स्थित पनवान कोस्ट गार्ड बेस को विस्फोटकों से लदे वाहन के जरिए निशाना बनाया गया। संगठन के अनुसार यह एक आत्मघाती वाहन-जनित विस्फोटक (SVBIED) हमला था, जिसके बाद उसके लड़ाकों ने कथित रूप से कैंप पर चारों दिशाओं से हमला किया।

बलोचिस्तान से जुड़े मीडिया प्लेटफॉर्मों में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, BLA के प्रवक्ता जीयांद बलोच ने दावा किया कि हमले में कोस्ट गार्ड कैंप को भारी नुकसान पहुंचा और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी हताहत हुए। संगठन ने 30 से अधिक अर्धसैनिक बल कर्मियों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने का दावा किया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
BLA के मीडिया विंग ‘हक्कल’ ने हमले से जुड़ा 43 सेकंड का एक वीडियो भी जारी किया है। वीडियो में कथित तौर पर एक वाहन को कैंप की ओर बढ़ते और उसके बाद बड़ा विस्फोट होते हुए दिखाया गया है। हालांकि वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना पर पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी BLA द्वारा किए गए हताहतों के दावों की पुष्टि नहीं की है।
उधर, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में भी सरकार विरोधी आंदोलन लगातार चर्चा में है। विभिन्न स्थानीय संगठनों के नेतृत्व में कई स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार रावलकोट के ईदगाह मैदान में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और अपने राजनीतिक तथा आर्थिक अधिकारों को लेकर आवाज उठाई।
संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेताओं ने रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान सरकार और सेना की नीतियों की आलोचना की। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्रीय अधिकारों, संसाधनों और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर अपनी मांगें दोहराईं।
बलूचिस्तान और PoK में सामने आ रही इन घटनाओं ने पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक और सुरक्षा चुनौतियों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालांकि कई दावों और आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, इसलिए स्थिति पर आधिकारिक प्रतिक्रियाओं और आगे की जांच पर नजर बनी हुई है।
