Vedanta Power Plant Sakti Update: वेदांता प्लांट हादसे में बड़ा खुलासा, बॉयलर टेस्ट करने गया मजदूर लापता?
Vedanta Power Plant Sakti Update: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण हादसे के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। इस दुर्घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 घायल श्रमिकों का इलाज रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में जारी है। घायलों में कई की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
लापता मजदूर दिलीप कुमार को लेकर बढ़ी चिंता
हादसे के बीच एक और चिंताजनक खबर सामने आई है। दिलीप कुमार नाम का एक मजदूर हादसे के बाद से लापता बताया जा रहा है। परिजन उसकी तलाश में पावर प्लांट पहुंचे, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
जानकारी के मुताबिक, दिलीप कुमार उसी बॉयलर की टेस्टिंग के लिए गया था, जहां बाद में जोरदार ब्लास्ट हुआ। ऐसे में परिजनों की चिंता और बढ़ गई है और उन्होंने प्रशासन से उसे खोजने की अपील की है।
घायलों का इलाज जारी, अस्पतालों में निगरानी तेज
हादसे में घायल 11 श्रमिकों का इलाज रायगढ़ के मेट्रो हॉस्पिटल, जिंदल हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
शवों की पहचान और पोस्टमार्टम प्रक्रिया जारी
घटना के तीसरे दिन भी मृतकों की पहचान और पोस्टमार्टम का काम जारी है। मृतकों में अधिकांश मजदूर पश्चिम बंगाल और झारखंड के निवासी बताए जा रहे हैं। परिजनों के देर से पहुंचने के कारण कुछ शवों का पोस्टमार्टम पहले नहीं हो सका था, लेकिन अब प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
पोस्टमार्टम के बाद सभी शवों को उनके गृह राज्यों के लिए भेजा जाएगा।
सरकार एक्शन में, प्लांट सील
हादसे के बाद राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्लांट को सील कर दिया है। जांच पूरी होने तक इसे दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन रायगढ़ पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
न्यायिक जांच के आदेश, लापरवाही की आशंका
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर इसे गंभीर लापरवाही का मामला माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और श्रम कानूनों के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुआवजे का ऐलान
सरकार ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा भी की है।
मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये
घायलों को 15 लाख रुपये
इसके अलावा प्रधानमंत्री की ओर से 2 लाख रुपये और मुख्यमंत्री की ओर से 5 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
कांग्रेस की जांच टीम भी पहुंची
इस हादसे को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर मजदूरों की सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया है। पार्टी ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में एक जांच दल का गठन किया है।
यह टीम सक्ती पहुंच चुकी है और घायलों व उनके परिजनों से मुलाकात के साथ-साथ घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।
वेदांता पावर प्लांट में हुआ यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लगातार बढ़ता मौत का आंकड़ा और एक मजदूर का अब तक लापता होना स्थिति को और भी चिंताजनक बना रहा है।
अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि यह हादसा लापरवाही का परिणाम था या तकनीकी विफलता का।
