TCS Nashik Sexual Harassment Case: यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के आरोप, 6 गिरफ्तार 

TCS Nashik Sexual Harassment Case

नासिक टीसीएस BPO यूनिट में महिला कर्मचारियों से शादी का झूठा वादा, जबरन नमाज और धर्म परिवर्तन का दबाव

TCS Nashik sexual harassment case  ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा निर्यातक कंपनी टीसीएस के नासिक दफ्तर में यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप लगे हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त एक्शन की बात कही है। एसआईटी गहराई से केस में जांच कर रही है। इस case ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

जो बात वर्क प्लेस पर एक शिकायत के तौर पर शुरू हुई थी, वह अब एक ऐसे मामले में बदल गई है जिस पर पूरे देश का ध्यान जा रहा है। यह मामला है नासिक का। केस भी कोई छोटी कंपनी नहीं, बल्कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ की BPO यूनिट का है।

मामले में टीसीएस के कर्मचारियों के यौन शोषण और ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन की कोशिशों का आरोप लगा है। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और राजनीतिक नेताओं की तरफ़ से भी कड़ी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। TCS Nashik sexual harassment case तूल पकड़ता जा रहा है। टीसीएस के बाहर सुबह से शाम तक प्रदर्शन हो रहे हैं।

2022 से चली आ रही शिकायतें, मार्च 2026 में बढ़ा मामला

यह मुद्दा कोई नया नहीं है। कुछ शिकायतें तो 2022 की हैं। हालांकि इस साल मार्च 2026 में मामला तब और बढ़ गया जब एक महिला ने अपने एक सहकर्मी पर शादी का झूठा वादा करके उसके साथ संबंध रखने का आरोप लगाया।

उस एक शिकायत के बाद तो शिकायतों का सिलसिला ही शुरू हो गया। और भी कर्मचारी सामने आए, FIRs की संख्या बढ़ गई, गिरफ्तारियां हुईं, और अब महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच दल (SIT) उन आरोपों की जांच कर रहा है जो कई सालों से कंपनी में चल रहा था। इस TCS Nashik sexual harassment case में अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं।

 ये हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस के अनुसार, अब तक मामले में 9 FIR दर्ज की गई हैं। और इस मामले के संबंध में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं। आरोपियों में शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, आसिफ अंसारी और दानिश शेख शामिल हैं। उन्हें अदालत में पेश किया गया और पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक की देखरेख में, इस मामले की जांच ACP क्राइम संदीप मितके के नेतृत्व वाली एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम कर रही है।

अधिकारियों ने बताया कि इन आरोपों में यौन अपराध और काम की जगह पर धार्मिक दबाव बनाने के दावे, दोनों शामिल हैं। TCS Nashik sexual harassment case में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

टीम लीड्स पर धमकाने और नौकरी से निकालने का आरोप

पुलिस ने बताया कि पहली FIR मार्च 2026 में खुफिया जानकारी मिलने के बाद दर्ज की गई थी, जिसके बाद और भी शिकायतें सामने आईं। पीड़ितों ने उत्पीड़न, दबाव और शिकायतों को नज़रअंदाज़ किए जाने के आरोप लगाए हैं।

कई महिला कर्मचारियों और कम से कम एक पुरुष सहकर्मी ने नासिक शहर पुलिस से संपर्क कर आरोप लगाया है कि सीनियर कर्मचारियों, खासकर टीम लीड्स के एक समूह द्वारा उनके साथ लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है।

जबरन नमाज पढ़ने और धर्म परिवर्तन का दबाव

शिकायतकर्ताओं ने बार-बार गलत तरीके से छूने, अश्लील टिप्पणियां करने, छेड़छाड़ करने और कुछ मामलों में शादी के झूठे वादे करके शारीरिक संबंध बनाने के आरोप लगाए हैं।

पीड़ितों ने यह भी बताया कि उन पर धर्म परिवर्तन करने, नमाज पढ़ने और मुस्लिम धर्म के आयोजनों में शामिल होने का दबाव डाला गया। कुछ ने तो यह भी आरोप लगाया कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने की कोशिशें की गईं।

एचआर हेड निदा खान की मिलीभगत का आरोप

एक अलग शिकायत में, एक पुरुष कर्मचारी ने दावा किया कि उसे उसकी मर्ज़ी के खिलाफ धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया।

कई शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने पहले भी सीनियर अधिकारियों और HR विभाग के सामने यह मुद्दा उठाया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जांच के दौरान यह पता चला कि एचआर हेड निदा खान खुद इस खौफनाक साजिश में शामिल थी। उससे बार-बार शिकायतें की गईं लेकिन उसने कोई एक्शन नहीं लिया। निदा खान का बयान 10 अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया था।

TCS Nashik Sexual Harassment Case

 WhatsApp ग्रुप और टारगेट करने के आरोपों की जांच

सूत्रों के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर WhatsApp ग्रुप बनाए थे, जिनमें कमज़ोर सहकर्मियों को टारगेट करने के बारे में चर्चा होती थी। जांचकर्ता अब उन आरोपों की जांच कर रहे हैं कि जूनियर कर्मचारियों, खासकर युवा हिंदू महिलाओं की पहचान करके, उन्हें प्रलोभन या निजी प्रभाव का इस्तेमाल करके संपर्क किया गया।

पुलिस ने इस मामले को कार्यस्थल के अंदर सक्रिय एक ग्रुप से जुड़ा बताया है, और कथित गतिविधियों की सीमा का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं से जांच कर रही है। अधिकारियों ने ज़्यादा पीड़ितों से आगे आने की अपील भी की है और शिकायतों के लिए एक खास WhatsApp नंबर भी जारी किया है।

 TCS ने कर्मचारियों को किया सस्पेंड

टीसीएस (Tata Consultancy Services) ने कहा कि उसने जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है। कंपनी ने दोहराया कि आगे की कार्रवाई चल रही जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।

TCS के प्रवक्ता ने कहा, “TCS की किसी भी तरह के उत्पीड़न और ज़बरदस्ती के प्रति लंबे समय से ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति रही है। हमने हमेशा कार्यस्थल पर अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और भलाई के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित किया है। जैसे ही हमें नासिक में इस मामले की जानकारी मिली, हमने तुरंत कार्रवाई की।

जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया गया है।” TCS का आधिकारिक X हैंडल भी इस मामले पर अपडेट जारी कर रहा है।

 विरोध प्रदर्शन

इस मामले ने नासिक में TCS परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया है और तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन आरोपों को चौंकाने वाला बताया और इस मामले को गंभीर करार दिया, साथ ही पुलिस की कार्रवाई की सराहना भी की।

जांच जारी, अभी तक कोई चार्जशीट दायर नहीं

पुलिस ने बताया कि जांच अभी भी जारी है और अब तक कोई चार्जशीट दायर नहीं की गई है। SIT भारतीय दंड संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत यौन उत्पीड़न, मारपीट और धार्मिक दबाव से जुड़े आरोपों सहित सभी शिकायतों और सबूतों की जांच कर रही है।

 

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