US-Israel Target Iran Leader Khamenei: सीआईए की ट्रैकिंग और इजरायल की स्ट्राइक, ऐसे खत्म हुआ खामेनेई का शासन
US-Israel Target Iran Leader Khamenei: ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मौत हो गई। 86 वर्षीय खामेनेई पिछले लगभग चार दशकों से ईरान की सत्ता संभाल रहे थे। उनकी मौत के साथ ही मध्य पूर्व की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही साफ कर दिया था कि उनका लक्ष्य ईरान के शीर्ष नेतृत्व को हटाना है। अमेरिका और इजरायल लंबे समय से खामेनेई की सत्ता को अपने लिए खतरा मानते थे। यही वजह थी कि जब ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत ठप पड़ी, तो दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई का फैसला लिया।
बताया जा रहा है कि इजरायल ने तेहरान में खामेनेई के कंपाउंड पर भारी बमबारी की। सैटेलाइट तस्वीरों में इमारत का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील नजर आया। देर रात ईरानी मीडिया ने खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी। इस ऑपरेशन में अमेरिका ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अमेरिकी सेना ने टॉमहॉक मिसाइल, HIMARS रॉकेट और ड्रोन का इस्तेमाल किया।
सूत्रों के मुताबिक, खामेनेई पिछले साल एक हमले में बाल-बाल बचे थे। उस घटना के बाद वे सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाने लगे थे और ज्यादातर समय सुरक्षित बंकर में रहते थे। उनके कंपाउंड में मौजूद बंकर काफी गहराई में थे, जहां तक पहुंचने में लिफ्ट को भी कई मिनट लगते थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले से पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी Central Intelligence Agency (CIA) कई महीनों से उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। उनकी लोकेशन और मीटिंग पैटर्न को ट्रैक किया जा रहा था। शनिवार को एक अहम बैठक की सूचना मिलने के बाद हमले की टाइमिंग तय की गई।
कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने अमेरिका पर दबाव बनाया था कि ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को हमले के बाद की तस्वीरें दिखाई गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खामेनेई को “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक” बताते हुए कहा कि वह अमेरिका की एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं पाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस ऑपरेशन में एरियल और स्पेस बेस्ड सर्विलांस, सिग्नल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक इंटरसेप्ट और ह्यूमन इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया। कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि खामेनेई के करीबी दायरे में से किसी ने जानकारी लीक की हो सकती है।
Khamenei Death और US Israel Strike के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका है। ईरान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय सतर्क है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर तेहरान पर टिकी है कि आगे ईरान की राजनीतिक और सैन्य रणनीति क्या होगी।
