सदन की कार्यवाही शुरू: विधानसभा में ट्रैफिक और मोबाइल टावर पर गरमाई बहस, 4.09 करोड़ के कार्यों को मंजूरी

छत्तीसगढ़ विधानसभा में सदन की कार्यवाही शुरू

छत्तीसगढ़ विधानसभा में सदन की कार्यवाही शुरू

छत्तीसगढ़ विधानसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। कांग्रेस और भाजपा विधायकों ने विकास कार्यों, मोबाइल टावर स्थापना और सड़क सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगे।

जलसंसाधन विभाग के कार्यों पर जानकारी

कांग्रेस विधायक भोलाराम साहू ने जलसंसाधन विभाग के तहत स्वीकृत कार्यों की जानकारी मांगी। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन को बताया कि विभाग द्वारा 4 करोड़ 9 लाख रुपये के विभिन्न कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है।

बिलासपुर में मोबाइल टावर स्थापना का मुद्दा

बिलासपुर में मोबाइल टावर स्थापना का विषय भी सदन में गूंजा। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने वैध अनुमति से लगाए गए टावरों की जांच कराने की मांग की। मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि यदि संबंधित जानकारी प्राप्त होती है तो उचित परीक्षण कराया जाएगा।

रेडिएशन और टावर लगाने की प्रक्रिया पर सवाल

विधायक उमेश पटेल ने मोबाइल टावर लगाने की प्रक्रिया और मापदंड को लेकर जानकारी मांगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब तक मोबाइल टावर से हानिकारक रेडिएशन निकलने के प्रमाण नहीं मिले हैं और इस विषय में उपलब्ध समस्त जानकारी सदन में प्रस्तुत कर दी गई है।

रायपुर में सड़क सुरक्षा पर चर्चा

भाजपा विधायक सुनील सोनी ने रायपुर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई और दुर्घटना रोकने के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान की जानकारी मांगी।

19 चौराहे प्राथमिकता में, ITMS का विस्तार

परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि दुर्घटनाएं रोकने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है और रायपुर में हादसों में कमी भी दर्ज की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि— 19 प्रमुख चौक-चौराहों को प्राथमिकता में रखा गया है, 14 चौराहों को लेफ्ट टर्न फ्री किया गया है, 27 स्थानों पर कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है , ITMS (Intelligent Traffic Management System) का विस्तार जारी है।

ब्लैक स्पॉट और ड्राइविंग ट्रेनिंग पर चिंता

सुनील सोनी के प्रश्न पर विधायक अजय चंद्राकर ने भी सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने पूछा कि क्या मंत्री ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

इस पर मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि— पूरे प्रदेश में 167 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, इनमें से 101 ब्लैक स्पॉट समाप्त कर दिए गए हैं, शेष 66 ब्लैक स्पॉट को खत्म करने की दिशा में कार्य जारी है, अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को नहीं रोका गया तो अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी अधूरा रह जाएगा।

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