NH-30 की जर्जर सड़क से तंग आकर केशकाल में पूर्ण बंद, व्यापारियों ने जताया आक्रोश
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के केशकाल में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) की बदतर स्थिति के खिलाफ आज (6 नवंबर 2025) पूरा नगर बंद रहा। स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और संगठनों ने सड़क की खराब हालत पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिससे शहर की जिंदगी थम सी गई।
सुबह से ही सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान, दुकानें, बाजार पूरी तरह बंद रहे। चाय की दुकानें, होटल, रेस्तरां और यहां तक कि पान के ठेले भी ताले चढ़े नजर आए। हजारों की संख्या में नगरवासी सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए मरम्मत की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़क पर भयानक धूल भरी गड्ढों ने यात्रा को नर्क बना दिया है। महीनों से बार-बार मरम्मत की मांग की जा रही है, लेकिन लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की उदासीनता से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
धूल-कीचड़ का कहर: जाम और दुर्घटनाओं का डर
NH-30 की खराब स्थिति से व्यापारी और राहगीर दोनों ही बेहद परेशान हैं। धूल का गुबार इतना घना रहता है कि वाहन चालकों को विजिबिलिटी की समस्या होती है, जिससे रोजाना जाम और छोटी-मोटी दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। बारिश के मौसम में तो सड़क कीचड़ से लथपथ हो जाती है, जिससे वाहनों का आवागमन लगभग ठप हो जाता है। एक स्थानीय व्यापारी ने बताया, “हमारा कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। ग्राहक आने ही बंद कर देते हैं। अगर जल्द मरम्मत नहीं हुई तो हमारी आजीविका पर संकट आ जाएगा।”
स्थानीय संगठनों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें सड़क की तत्काल मरम्मत, धूल नियंत्रण के लिए पानी छिड़काव और जाम रोकने के उपायों की मांग की गई है। कलेक्टर कार्यालय से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार विभाग ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह बंद न केवल केशकाल की समस्या को उजागर करता है, बल्कि पूरे क्षेत्र में सड़क बुनियादी ढांचे की लापरवाही पर सवाल खड़े करता है। यदि शीघ्र समाधान न हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
