Rhea Chakraborty Gets Clean Chit: रिया चक्रवर्ती को मिली क्लीन चिट, सुशांत सिंह राजपूत परिवार करेगा CBI की रिपोर्ट को कोर्ट में चैलेंज
Rhea Chakraborty Gets Clean Chit
Rhea Chakraborty Gets Clean Chit: सुशांत सिंह राजपूत केस में बड़ा मोड़ आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसमें एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती को निर्दोष बताया गया है। हालांकि, दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का परिवार इस रिपोर्ट से असहमत है और इसे कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है।
परिवार का कहना है कि CBI ने अपनी रिपोर्ट में कई अहम सबूतों को नजरअंदाज किया है। परिवार के वकील वरुण सिंह ने कहा कि यह रिपोर्ट अधूरी है और इसमें चार्जशीट के साथ जरूरी डॉक्यूमेंट्स नहीं जोड़े गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी ने चैट, बैंक रिकॉर्ड और मेडिकल रिपोर्ट जैसी कई जरूरी चीजें कोर्ट में पेश नहीं कीं।
CBI ने रिया को दी क्लीन चिट
CBI की क्लोजर रिपोर्ट के मुताबिक, सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की थी और इस मामले में रिया चक्रवर्ती या उनके परिवार की कोई भूमिका नहीं मिली। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिया ने सुशांत के पैसों या सामान में कोई गड़बड़ी नहीं की थी। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि 8 जून से 14 जून 2020 के बीच रिया या उनका भाई शौविक सुशांत के संपर्क में नहीं थे।
CBI की जांच में यह भी सामने आया कि सुशांत और रिया के बीच उस अवधि में कोई कॉल, चैट या मुलाकात नहीं हुई थी। रिया और शौविक ने 8 जून को सुशांत का घर छोड़ा था और उसके बाद वे कभी उनके फ्लैट पर नहीं गए।
फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर जांच का निष्कर्ष
जांच के फाइनेंशियल एंगल में भी CBI को कोई गड़बड़ी नहीं मिली। रिया जब घर छोड़कर गई थीं, तब उन्होंने सिर्फ अपना लैपटॉप और घड़ी (जो सुशांत ने गिफ्ट की थी) साथ ली थी। रिपोर्ट के अनुसार, सुशांत की जानकारी के बिना किसी भी सामान को ले जाने या संपत्ति में हेरफेर करने के सबूत नहीं मिले।
CBI ने कहा कि रिया और सुशांत अप्रैल 2018 से जून 2020 तक लिव-इन रिलेशनशिप में थे। सुशांत खुद रिया को ‘फैमिली’ मानते थे और उनके ऊपर हुए खर्च को “धोखाधड़ी” की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। जांच में किसी तरह के आर्थिक शोषण, धमकी या आत्महत्या के लिए उकसाने के सबूत नहीं मिले।
परिवार ने रिपोर्ट को बताया अधूरा
सुशांत के परिवार के वकील वरुण सिंह ने कहा, “CBI ने रिपोर्ट जल्दबाजी में तैयार की है। अगर एजेंसी सच सामने लाना चाहती, तो उसे सभी साक्ष्य—चैट्स, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान कोर्ट में पेश करने चाहिए थे। यह जांच अधूरी और सतही है। हम इसे कोर्ट में चुनौती देंगे।”
परिवार का दावा है कि कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं और वे पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए कोर्ट में विरोध याचिका दाखिल करेंगे।
आगे की कार्रवाई
CBI की यह क्लोजर रिपोर्ट पटना कोर्ट में दाखिल की गई है। इस रिपोर्ट पर 20 दिसंबर को सुनवाई होगी। परिवार की याचिका के बाद कोर्ट यह तय करेगा कि मामले में दोबारा जांच की जरूरत है या नहीं।
