PDS Operators Association Protest: PDS संचालक संघ ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर किया धरना प्रदर्शन, सरकार को दिया 3 महीने का अल्टीमेटम
PDS Operators Association Protest
रायपुर। PDS Operators Association Protest: छत्तीसगढ़ में शासकीय उचित मूल्य दुकानों (PDS) के संचालकों ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी रायपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। लंबे समय से लंबित समस्याओं से परेशान संचालकों ने सरकार को तीन महीने का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
प्रदेश के करीब 15,000 राशन दुकानदारों ने यह चेतावनी दी है। प्रदर्शन का नेतृत्व छत्तीसगढ़ PDS संचालक संघ के अध्यक्ष नरेश बाफना ने किया।
संचालकों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन में संचालकों ने कई अहम मुद्दे उठाए। इनमें वन नेशन वन राशन कार्ड लागू होने के बाद रजिस्टर की बाध्यता खत्म करने, सुखद एवं खराब अनाज की क्षतिपूर्ति कम से कम 1 प्रतिशत देने, बारदाना के उठाव और भुगतान को नियमित करने, ई-पॉश मशीन और सर्वर की तकनीकी समस्याओं को दूर करने की मांग प्रमुख रही।
इसके अलावा संघ ने अन्य राज्यों की तरह CGFSA के तहत कमीशन राशि ₹200 प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की। साथ ही राशन उत्सव के दौरान काम करने वाले अतिरिक्त कर्मचारियों का भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई।
दुकानदारों की परेशानियां
संचालकों ने कहा कि ई-पॉश मशीन में सर्वर की धीमी गति के कारण राशन वितरण प्रभावित हो रहा है।
जून से अगस्त 2025 तक का राशन एक साथ वितरित करने से भंडारण की समस्या और अतिरिक्त कर्मचारियों का खर्च दुकानदारों को उठाना पड़ा।
मई से सितंबर 2025 तक की मार्जिन मनी (कमीशन) अब तक नहीं मिली है।
साल 2024 से बारदाना भुगतान लंबित है।
संचालकों ने यह भी कहा कि M2 पद्धति से आबंटन प्रणाली में सुधार की जरूरत है।
साथ ही उन्होंने अन्नपूर्णा भवन निर्माण की मांग की ताकि दुकानदारों को किराया नहीं देना पड़े।
झूठे प्रकरणों और एफआईआर की धमकियों से भी दुकानदारों में आक्रोश है।
सरकार को तीन महीने का समय, नहीं तो हड़ताल
संघ ने साफ कहा कि अगर सरकार ने तीन महीने के भीतर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो राज्यभर में राशन वितरण ठप कर दिया जाएगा। संघ ने यह भी चेताया कि इसका असर सीधे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर पड़ेगा।
संचालकों का कहना है कि वे समाधान चाहते हैं, टकराव नहीं, लेकिन अगर सरकार ने अनदेखी की तो वे मजबूरन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
मुख्यमंत्री को सौंपा गया पत्र
इससे पहले संघ ने 8 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर अपनी समस्याओं की जानकारी दी थी। पत्र में कहा गया था कि पिछले वर्ष 2024 में सरकार ने मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
अब संचालकों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो राज्यभर में PDS व्यवस्था चरमरा सकती है।
