यति यतनलाल सम्मान पर नया विवाद, छत्तीसगढ़ अलंकरण पुरस्कारों के ऐलान से पहले सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

छत्तीसगढ़ में साल 2026 के अलंकरण पुरस्कारों की घोषणा से पहले यति यतनलाल सम्मान को लेकर विवाद सामने आया है। अभी तक राज्य सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस साल यह सम्मान किसे दिया जाएगा, लेकिन सोशल मीडिया पर संभावित चयन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फेसबुक पर एक यूजर की पोस्ट ने इस मुद्दे को और चर्चा में ला दिया है।
ओमेश बिसेन ने पोस्ट के जरिए जताई नाराजगी
फेसबुक यूजर ओमेश बिसेन ने यति यतनलाल सम्मान को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। उन्होंने पुरस्कार के संभावित दावेदारों और चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। अपनी पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि गौसेवा के क्षेत्र में लंबे समय से योगदान देने वाले लोगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्ति को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चा है।
20 साल की गौसेवा बनाम 9 महीने की सक्रियता का दावा
ओमेश बिसेन ने अपनी पोस्ट में दावा किया है कि कुछ लोग करीब 20 वर्षों से गौसेवा के काम में जुटे हुए हैं, लेकिन उन्हें सम्मान के योग्य नहीं समझा जा रहा। इसके उलट, उनका आरोप है कि महज 9 महीने से इस क्षेत्र में सक्रिय एक धन्नासेठ को सम्मानित करने की चर्चा है।
उन्होंने इस कथित स्थिति को पूंजीवाद से जोड़ते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, ये बातें फेसबुक पोस्ट में किए गए दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और सरकार की ओर से किसी संभावित विजेता का नाम भी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी तस्वीर
यति यतनलाल सम्मान को लेकर उठे विवाद पर अब तक संस्कृति विभाग या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि पुरस्कार के चयन को लेकर सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों का आधार क्या है।
अब देखना होगा कि छत्तीसगढ़ सरकार अलंकरण पुरस्कारों की घोषणा कब करती है और यति यतनलाल सम्मान के लिए किसका चयन किया जाता है। फिलहाल आधिकारिक जानकारी के अभाव में यह मामला सोशल मीडिया पर उठे सवालों और दावों तक ही सीमित है।
