Women Asia Cup Final: भारत चैंपियन बना, लेकिन ट्रॉफी लेने से किया इनकार! मंच पर खड़े रह गए मोहसिन नकवी
Women Asia Cup Final: भारत ने जीता एशिया कप, लेकिन नहीं ली ट्रॉफी; मंच पर इंतजार करते रह गए मोहसिन नकवी
Women Asia Cup Final: भारत ने श्रीलंका को हराकर महिला एशिया कप का खिताब जीत लिया, लेकिन ट्रॉफी सेरेमनी ने सबका ध्यान खींच लिया। ACC अध्यक्ष और पाकिस्तान सरकार में मंत्री मोहसिन नकवी मंच पर मौजूद रहे, मगर भारतीय टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया। आखिर क्यों हुआ ऐसा और BCCI ने नकवी को कौन से दो विकल्प दिए थे? पूरी कहानी जानिए।
Women Asia Cup Final: भारत बना एशिया कप चैंपियन, ट्रॉफी सेरेमनी रही चर्चा में
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को दुबई में खेले गए महिला एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। मैदान पर टीम इंडिया की जीत का जश्न देखने को मिला, लेकिन मैच के बाद ट्रॉफी सेरेमनी ने मुकाबले से भी ज्यादा सुर्खियां बटोरीं।
भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान सरकार में मंत्री मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।
मंच पर पहुंचे मोहसिन नकवी, लेकिन नहीं मिली भारतीय टीम को ट्रॉफी
मैच खत्म होने के बाद मोहसिन नकवी प्रेजेंटेशन सेरेमनी के लिए मंच पर पहुंचे। उन्होंने श्रीलंकाई टीम को उपविजेता का पुरस्कार दिया और कप्तान चमारी अट्टापट्टू को रनर-अप चेक सौंपा।
इसके बाद भारतीय टीम को विजेता ट्रॉफी दिए जाने की बारी थी। हालांकि भारतीय टीम और नकवी के बीच ट्रॉफी सौंपने को लेकर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी को ट्रॉफी दिए बिना ही समाप्त कर दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, नकवी इसके बाद मैदान से बाहर चले गए।
BCCI ने दिए थे दो विकल्प
BCCI सचिव देवाजीत सैकिया ने बताया कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड शुरू से ही मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने के पक्ष में नहीं था। हालांकि इस गतिरोध को खत्म करने के लिए BCCI की ओर से दो विकल्प दिए गए थे।
पहला विकल्प था कि ACC के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी भारतीय टीम को ट्रॉफी सौंपें। दूसरा विकल्प यह था कि हालिया परंपरा के अनुसार विजेता क्रिकेट बोर्ड का प्रतिनिधि अपनी टीम को ट्रॉफी प्रदान करे।
सैकिया के मुताबिक, दोनों विकल्पों को नकवी ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद भारतीय टीम भी अपने रुख पर कायम रही और नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।
कोच अमोल मजूमदार ने क्या कहा?
ट्रॉफी सेरेमनी को लेकर भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि टीम BCCI के फैसले के साथ है।
उन्होंने कहा कि टीम के लिए टूर्नामेंट खत्म हो चुका है और भारत चैंपियन है। उनके मुताबिक, टीम के लिए खिताब जीतना ही सबसे महत्वपूर्ण बात है।
पिछले साल भी हुआ था ऐसा ही विवाद
मोहसिन नकवी और भारतीय टीम के बीच ट्रॉफी को लेकर विवाद नया नहीं है। सितंबर 2025 में पुरुष एशिया कप फाइनल में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली थी।
पाकिस्तान को हराने के बाद भारतीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। भारत ने तब अमीरात क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष से ट्रॉफी दिलाने का अनुरोध किया था, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया था।
इसके बाद उस प्रेजेंटेशन सेरेमनी में विवाद खड़ा हो गया था और ACC अधिकारी ट्रॉफी और मेडल लेकर मैदान से चले गए थे।

2025 की ट्रॉफी भी अब तक नहीं मिली
पिछले साल हुए विवाद के बाद भारतीय टीम को कथित तौर पर एशिया कप की वह ट्रॉफी अब तक नहीं मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय भारतीय खिलाड़ी एक घंटे से अधिक समय तक प्रेजेंटेशन सेरेमनी के लिए इंतजार करते रहे थे।
नकवी अपने रुख पर कायम रहे थे कि भारतीय कप्तान को उनके हाथों से ही ट्रॉफी लेनी होगी। अब महिला एशिया कप फाइनल में एक बार फिर ट्रॉफी को लेकर ऐसा ही गतिरोध देखने को मिला।
भारत ने मैदान पर दर्ज की शानदार जीत
ट्रॉफी सेरेमनी विवाद से अलग मैदान पर भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया।
इस जीत के साथ टीम इंडिया ने महिला एशिया कप में अपना दबदबा कायम रखा। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार क्रिकेट खेली और फाइनल में भी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में श्रीलंका पर भारी पड़ी।
अब इस मुकाबले की सबसे चर्चित तस्वीर ट्रॉफी उठाने की नहीं, बल्कि ट्रॉफी सेरेमनी के दौरान भारतीय टीम के रुख की बन गई है।
