गुरु खुशवंत साहेब पर हमले से सतनामी समाज में उबाल, गुरु बालदास बोले– यह पूरे समाज पर हमला है..
बेमेतरा। आरंग विधायक और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु खुशवंत साहेब पर हुए हमले के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। रविवार को इस घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वयं सतनामी समाज के वरिष्ठ धर्मगुरु और गुरु खुशवंत साहेब के पिता, गुरु बालदास साहेब, घटनास्थल भोईनाभांठा पहुंचे। उन्होंने वहां की स्थिति का जायज़ा लिया और पुलिस की जांच पर सवालिया निशान खड़े करते हुए 24 घंटे में हमलावरों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया।
गुरु बालदास साहेब ने कहा, “यह हमला सिर्फ मेरे पुत्र पर नहीं, पूरे सतनामी समाज की अस्मिता पर किया गया हमला है। हम इसे हल्के में नहीं लेंगे। पुलिस यह बता रही है कि घटना बिजली पोल टूटने की वजह से हुई है, लेकिन यह बात गले नहीं उतरती। अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो समाज आंदोलन के लिए मजबूर होगा।”
उन्होंने यह भी साफ किया कि वह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर गुरु खुशवंत साहेब की सुरक्षा को लेकर चर्चा करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि एक विधायक और समाज के धर्मगुरु पर खुलेआम हमला होता है और प्रशासन इसे साधारण घटना बताकर दबाने की कोशिश करता है। यह न केवल लापरवाही है, बल्कि समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी है।
क्या है पूरा मामला?
शनिवार को आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब, जो सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरु भी हैं, नवागढ़ में एक सामाजिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। जब उनका काफिला बेमेतरा-रायपुर बायपास मार्ग स्थित भोईनाभांठा गांव के पास पहुंचा, तभी कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक उन पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में उनकी कार का सामने का शीशा पूरी तरह टूट गया, हालांकि वे स्वयं पूरी तरह सुरक्षित हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। इसके बाद गुरु खुशवंत साहेब बेमेतरा विधायक दीपेश साहू के निवास पहुंचे, जहां उन्होंने बेमेतरा एसपी रामकृष्ण साहू से इस विषय में विस्तार से चर्चा की।
समाज में गुस्सा, सरकार पर बढ़ा दबाव
घटना के बाद से सतनामी समाज में भारी आक्रोश है। कई सामाजिक संगठनों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे धर्मगुरु पर सीधा हमला बताया है। समाज के वरिष्ठजन इसे सामाजिक और धार्मिक असहिष्णुता का संकेत मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर एक धर्मगुरु और विधायक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम समाज की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
