Chhattisgarh Monsoon Session: कांग्रेस-भाजपा में आर-पार की रणनीति तैयार, आज दोनों खेमों की अहम बैठकें
Chhattisgarh Monsoon Session 2025
रायपुर। Chhattisgarh Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 से 18 जुलाई तक चलेगा और इससे पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों ही इस सत्र को लेकर आक्रामक मूड में हैं। एक ओर जहां कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में जुटी है, वहीं भाजपा भी विपक्ष के हर सवाल का करारा जवाब देने की रणनीति बना रही है। इसी क्रम में आज कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों की विधायक दल की अहम बैठकें होने जा रही हैं, जिनमें आगामी सत्र की पूरी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज शाम 4 बजे
राजधानी रायपुर के राजीव भवन में आज शाम 4 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राज्य सरकार को सदन में कैसे घेरा जाए, इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
कांग्रेस ने अपने विधायकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सरकार की विफलताओं को सत्र में आक्रामक तरीके से उठाएं। पार्टी प्रमुख मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। इनमें बिजली दरों में वृद्धि, डीएपी खाद की कमी, शराब घोटाला, कानून व्यवस्था, राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी, अवैध रेत व शराब कारोबार और भारत माला परियोजना में कथित भ्रष्टाचार जैसे विषय शामिल हैं।
विपक्ष में आक्रामक तेवर दिखाएंगे विधायक
विपक्षी विधायक इस बार सरकार के 18 महीने के कामकाज पर सवाल खड़े करने को तैयार हैं। खासतौर पर किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता, युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन), पुलिस की निष्क्रियता, पेड़ों की अवैध कटाई, आबकारी विभाग में गड़बड़ियां और हाल ही में हुए अधिकारियों के निलंबन जैसे मुद्दे सदन में गर्माहट ला सकते हैं।
प्रश्नकाल के बाद कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेताओं से सीधे सरकार पर सवाल दागवाएगी और विधायकों को पूरी सक्रियता से सरकार को कटघरे में खड़ा करने को कहा गया है।
भाजपा भी तैयार, आज शाम 7 बजे सीएम निवास में बैठक
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भाजपा भी विपक्ष के हमलों से निपटने के लिए आज शाम 7 बजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नवा रायपुर स्थित निवास पर विधायक दल की बैठक करने जा रही है। इसमें मुख्यमंत्री साय, डिप्टी सीएम अरुण साव और वरिष्ठ मंत्रीगण शामिल रहेंगे।
बैठक में कांग्रेस द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा होगी और यह तय किया जाएगा कि जवाबी हमला कैसे किया जाए। साथ ही भाजपा इस बात पर भी जोर देगी कि वह 18 महीने के भीतर राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए किए गए विकास कार्यों को उजागर करे।
सत्र में गरमाहट तय, 996 प्रश्न और 5 बैठकें
मानसून सत्र के दौरान कुल 5 बैठकें निर्धारित की गई हैं और विधायकों ने 996 प्रश्नों को सूचीबद्ध किया है। यानी सदन के अंदर गरमा-गरमी पूरी तय मानी जा रही है। इसके अलावा कृषि, खाद्य और शिक्षा जैसे विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और निर्णय भी इस सत्र में लिए जा सकते हैं।
वहीं आबकारी विभाग में हाल ही में हुए निलंबनों और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर भी विपक्ष सदन में सवाल उठा सकता है।
मानसून सत्र से पहले कांग्रेस और भाजपा की सक्रियता इस बात की पुष्टि करती है कि 14 जुलाई से शुरू होने जा रहा यह सत्र सिर्फ औपचारिक कार्यवाही का मंच नहीं, बल्कि दोनों दलों के लिए सियासी वर्चस्व और जनसरोकार के मुद्दों पर अपनी बात रखने का बड़ा मौका भी होगा। देखना यह है कि कौन कितना प्रभावशाली तरीके से सदन में अपनी बात कहता है—और कौन किसे बैकफुट पर भेजता है।
