Ration ATM in Chhattisgarh: राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी सुविधा! Grain ATM के जरिए 24×7 मिलेगा चावल
Ration ATM in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में पहली बार अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत
Ration ATM in Chhattisgarh: राशन कार्ड धारकों की परेशानी अब खत्म होने वाली है। छत्तीसगढ़ में शुरू हुए अन्नपूर्ति Grain ATM से आखिर कैसे मिलेगा चावल, किन जिलों में शुरू हुई सुविधा, 24 घंटे राशन लेने का क्या है तरीका और क्या दूसरे राज्यों के राशन कार्डधारक भी इसका फायदा उठा सकेंगे? जानिए इस नई व्यवस्था से जुड़ी हर जरूरी जानकारी।
Ration ATM in Chhattisgarh: अब राशन के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं, ATM से निकलेगा चावल
छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब राशन कार्डधारकों को चावल लेने के लिए हर बार उचित मूल्य की दुकान पर लंबी कतार में खड़े होने और दुकान खुलने का इंतजार करने की जरूरत कम होगी। राज्य में पहली बार ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की शुरुआत की गई है। फिलहाल यह सुविधा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में शुरू की गई है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की इस पहल का उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और हितग्राही के लिए सुविधाजनक बनाना है। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने 8 अगस्त 2026 को इन तीनों ग्रेन एटीएम का ऑनलाइन शुभारंभ किया।
कैसे काम करेगा Grain ATM?
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम भी सामान्य ATM की तरह तकनीक आधारित व्यवस्था पर काम करेगा, लेकिन इसमें पैसे की जगह पात्र हितग्राही को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न मिलेगा।
राशन कार्डधारक को मशीन की स्क्रीन पर अपना आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए उसकी पहचान सत्यापित की जाएगी। पहचान की पुष्टि होने के बाद मशीन राशन कार्ड में निर्धारित मात्रा के अनुसार चावल वितरित करेगी।
इस पूरी प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने और गड़बड़ियों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
24×7 मिलेगा चावल, दुकान खुलने का इंतजार नहीं
ग्रेन एटीएम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके जरिए पात्र हितग्राही अपनी सुविधा के अनुसार 24×7 चावल प्राप्त कर सकेंगे। यानी राशन की दुकान खुलने के निर्धारित समय का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी।
यह सुविधा खासतौर पर कामकाजी लोगों, श्रमिकों, बुजुर्गों और ऐसे लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें राशन लेने के लिए तय समय पर दुकान तक पहुंचना मुश्किल होता है।
रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर से हुई शुरुआत
छत्तीसगढ़ में फिलहाल तीन अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम लगाए गए हैं। इनकी शुरुआत रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर से की गई है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इस तकनीक को जरूरत और अनुभव के आधार पर अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तार दिया जा सकता है।
इस पहल को राज्य की PDS व्यवस्था में तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दूसरे राज्यों के राशन कार्डधारकों को भी मिलेगा फायदा
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की एक और खास बात इसका ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ व्यवस्था से जुड़ाव है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के पात्र राशन कार्डधारकों के साथ-साथ दूसरे राज्यों के पात्र हितग्राही भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।
इससे दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले प्रवासी श्रमिकों और कामगारों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। उन्हें अपने मूल राज्य में राशन कार्ड होने के बावजूद यहां खाद्यान्न प्राप्त करने में आसानी होगी।
एक मशीन में 2500 किलो तक चावल रखने की क्षमता
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित इन ग्रेन एटीएम की भंडारण क्षमता करीब 2500 किलोग्राम बताई गई है। मशीन में चावल की लोडिंग स्वचालित प्रणाली के जरिए की जाएगी।
बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद मशीन निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराएगी। इससे वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने और खाद्यान्न की निगरानी को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
PDS में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से हितग्राहियों का समय बचेगा और उचित मूल्य दुकानों पर भीड़ तथा लंबी कतारों की समस्या कम होगी। साथ ही तकनीक के इस्तेमाल से राशन वितरण प्रक्रिया पर निगरानी और पारदर्शिता को भी मजबूत किया जा सकेगा।

Grain ATM वाला देश का पांचवां राज्य बना छत्तीसगढ़
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम शुरू करने के बाद छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां तकनीक आधारित ग्रेन एटीएम के जरिए खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है।
इससे पहले उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में ग्रेन एटीएम संचालित किए जा रहे थे। अब छत्तीसगढ़ भी इस सूची में शामिल हो गया है।
क्या बदल जाएगी राशन लेने की पूरी व्यवस्था?
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत के बाद सबसे बड़ा बदलाव राशन लेने के तरीके में देखने को मिल सकता है। जहां अभी हितग्राहियों को निर्धारित समय पर राशन की दुकान पहुंचकर कतार में लगना पड़ता है, वहीं नई व्यवस्था में बायोमेट्रिक पहचान के बाद मशीन से सीधे खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
हालांकि फिलहाल यह सुविधा केवल तीन शहरों में शुरू हुई है। आने वाले समय में इसका विस्तार कितना होता है और हितग्राहियों को इसका वास्तविक लाभ किस स्तर तक मिलता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था को और ज्यादा तकनीक आधारित बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम साबित हो सकता है।
