रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का बदला पता, अब सिविल लाइन के C-3 बंगले से संभालेंगे कमिश्नर राजधानी की सुरक्षा

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट

रायपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय का पता बदल गया है। अब यह कार्यालय सिविल लाइन स्थित C-3 बंगले से संचालित होगा। उल्लेखनीय है कि यह बंगला पहले उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा का आधिकारिक निवास था। अब इसी भवन से रायपुर कमिश्नरेट के पहले पुलिस कमिश्नर अपना कामकाज संभालेंगे।

पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने किया उद्घाटन

नए पुलिस कमिश्नर कार्यालय का शुभारंभ आज रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के करकमलों से किया गया। अब कमिश्नरेट से जुड़े सभी प्रशासनिक और कार्यालयीन कार्य सिविल लाइन स्थित C-3 बंगले में बनाए गए नए कार्यालय से ही संचालित किए जाएंगे।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस अमित कामले, डीसीपी नॉर्थ मयंक गुर्जर, डीसीपी सेंट्रल उमेश गुप्ता, डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल, डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला और डीसीपी ट्रैफिक विकास कुमार सहित अन्य राजपत्रित अधिकारी और कार्यालयीन स्टाफ उपस्थित रहे।

1990 में शुरू की पुलिस सेवा

डॉ. संजीव शुक्ला ने वर्ष 1990 में डीएसपी के रूप में अपनी पुलिस सेवा की शुरुआत की थी। सागर पुलिस प्रशिक्षण अकादमी से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग बस्तर संभाग के किरंदुल थाने में ट्रेनी थाना प्रभारी के रूप में हुई। इसके बाद वे कोंटा में दो साल तक एसडीओपी रहे। इसके अलावा भानुप्रतापपुर एसडीओपी, भिलाई सीएसपी, इटारसी सीएसपी, नरसिंहपुर सीएसपी, कोरबा सीएसपी और अविभाजित मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी सीएसपी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। साल 2000 में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभाजन के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ कैडर चुना, जिसके बाद उनकी पोस्टिंग राजनांदगांव में हुई।

सात साल तक रहे एडिशनल एसपी

डीएसपी से प्रमोशन मिलने के बाद वर्ष 2001 में उनकी पहली पोस्टिंग दुर्ग जिले में एडिशनल एसपी के रूप में हुई। यहां वे लगभग सात साल तक इस पद पर रहे। चुनाव के दौरान कुछ समय के लिए उनका तबादला हुआ, लेकिन बाद में वे फिर दुर्ग में ही पदस्थ किए गए।

मुख्यमंत्री सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संभाली

डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहने के दौरान वर्ष 2008 में संजीव शुक्ला को एसपी, सीएम सिक्योरिटी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस पद पर उन्होंने करीब ढाई साल तक सेवा दी।

कई जिलों में एसपी और एसएसपी रहे

संजीव शुक्ला को वर्ष 2013 में आईपीएस अवार्ड हुआ और उन्हें 2004 बैच मिला। आईपीएस बनने से पहले ही वे जशपुर और राजनांदगांव जिलों के एसपी रह चुके थे। एसपी के तौर पर उनकी पहली पोस्टिंग जशपुर में हुई, जहां वे करीब डेढ़ साल तक रहे। इसके बाद वे राजनांदगांव के पुलिस अधीक्षक बने और लगभग तीन साल तक वहां पदस्थ रहे। इसके बाद उन्होंने रायगढ़, रायपुर और दुर्ग में एसपी और एसएसपी के रूप में भी सेवाएं दीं।

नक्सल क्षेत्र में डीआईजी की जिम्मेदारी

दुर्ग में एसएसपी रहने के बाद उनकी पोस्टिंग नक्सल प्रभावित उत्तर बस्तर कांकेर रेंज में डीआईजी के रूप में हुई, जहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।

आईजी सीआईडी और पुलिस अकादमी में भी दी सेवाएं

आईजी पद पर प्रमोट होने के बाद संजीव शुक्ला पुलिस मुख्यालय में भी पदस्थ रहे। इस दौरान उन्होंने आईजी सीआईडी के रूप में काम किया और कुछ समय तक पुलिस अकादमी में डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी संभाली।

बिलासपुर आईजी से बने रायपुर के पुलिस कमिश्नर

रायपुर के पुलिस कमिश्नर बनने से पहले डॉ. संजीव शुक्ला बिलासपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) थे। दिसंबर 2023 में राज्य में सरकार बदलने के बाद जनवरी 2024 में उन्हें बिलासपुर पुलिस जोन का आईजी नियुक्त किया गया था।

 

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