Rahul Gandhi Defamation Case: मानहानि केस में राहुल गांधी की CD ब्लैंक, कोर्ट में तकरार

Rahul Gandhi Defamation Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ विनायक दामोदर सावरकर पर आपत्तिजनक बयान देने के आरोप में चल रहे मानहानि केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पुणे के एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई के दौरान जिस CD को केस के सबूत के रूप में पेश किया गया था, वह पूरी तरह से खाली निकली।

इस CD के आधार पर राहुल गांधी को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किया गया था। वहीं, कोर्ट में जब इसे चलाया गया, तो स्क्रीन पर कोई डेटा दिखाई नहीं दिया। शिकायतकर्ता सत्यकी सावरकर की ओर से पेश वकील संग्राम कोल्हटकर भी इस दृश्य को देखकर चौंक गए।

कोल्हटकर ने इसके बाद कहा कि विवादित भाषण यूट्यूब पर मौजूद है और कोर्ट वहां से देख सकता है। लेकिन राहुल गांधी की ओर से पेश वकील मिलिंद पवार ने विरोध किया और कहा कि ऑनलाइन वीडियो अपने आप में सबूत नहीं माना जा सकता।

कोर्ट ने पवार की दलील सही मानी और इंडियन एविडेंस एक्ट की धारा 65B के आधार पर कहा कि यूट्यूब लिंक को प्रमाणिक सबूत नहीं माना जा सकता। इसके बाद कोल्हटकर ने दो और CD कोर्ट में पेश कीं, लेकिन पवार के विरोध के चलते मजिस्ट्रेट ने इसे स्वीकार नहीं किया।

कोल्हटकर ने न्यायिक जांच की मांग की कि पहले ठीक चल रही CD अचानक खाली कैसे हो गई। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 5 दिसंबर तय की।

इस मामले में इंडियन एविडेंस एक्ट की धारा 65B यह स्पष्ट करती है कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जैसे वीडियो, ईमेल या मोबाइल डेटा को कोर्ट में सबूत के रूप में पेश करने के लिए उसके साथ प्रमाणिकता का सर्टिफिकेट होना जरूरी है।

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