चौथी बार उज्बेकिस्तान पहुंचे नरेंद्र मोदी: रक्षा, व्यापार और डिजिटल कनेक्टिविटी पर होगी डील; बिश्केक में SCO समिट का एजेंडा तय

डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो देशों के दौरे के पहले चरण में शनिवार शाम उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे। हवाई अड्डे पर उतरते ही उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने प्रोटोकॉल से आगे बढ़कर गर्मजोशी के साथ उन्हें गले लगाकर उनका भव्य स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी की यह उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो मध्य एशिया में भारत के रणनीतिक और ऐतिहासिक सभ्यतागत संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ताशकंद पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए ऐतिहासिक बताया।

‘विकसित भारत और नया उज्बेकिस्तान’ के विजन पर मंथन

अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार पर गहन चर्चा होगी।

पीएम मोदी ने कहा कि वह राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ ‘विकसित भारत’ और ‘नया उज्बेकिस्तान’ के साझा दृष्टिकोण को गति देने के लिए उत्सुक हैं। इस दौरे का मुख्य लक्ष्य मध्य एशियाई क्षेत्र में भारत की उपस्थिति को मजबूत करना और दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों को प्रगाढ़ बनाना है।

ताशकंद के बाद बिश्केक: 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भागीदारी

उज्बेकिस्तान यात्रा संपन्न करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के विशेष निमंत्रण पर बिश्केक रवाना होंगे। बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का 26वां शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है।

25 वर्ष का मील का पत्थर

यह शिखर सम्मेलन विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह SCO संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक पड़ाव पर आयोजित किया जा रहा है। इस मंच पर भारत क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति और व्यापारिक गलियारों के विकास पर अपना रुख स्पष्ट करेगा।

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