मानसून सत्र: हंगामे के बाद 2 बजे तक टली लोकसभा, फिर होगी परीक्षा संशोधन बिल पर बहस
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में पिछले एक सप्ताह से NEET विवाद और छात्र प्रदर्शनों के बाद हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच मंगलवार को गतिरोध खत्म होने के संकेत मिले हैं। मानसून सत्र के सातवें दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने ‘पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के लिए सहमति बनाई है।
स्पीकर ओम बिरला की पहल के बाद बनी सहमति
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बातचीत का रास्ता खुला। स्पीकर ने परीक्षा प्रणाली से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक पर विस्तृत चर्चा के लिए सदन में छह घंटे का समय निर्धारित किया है। साथ ही उन्होंने सभी दलों से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से रचनात्मक चर्चा करने की अपील की है।
पेपर लीक रोकने के लिए लाया गया है संशोधन विधेयक
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किया था। हालांकि, उस दौरान विपक्ष ने छात्र प्रदर्शनों और संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगते हुए जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी।
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प्रश्नकाल में हंगामा, दोपहर 2 बजे तक स्थगित हुई कार्यवाही
मंगलवार को भी प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के विरोध के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा और उसे पारित कराने की कोशिश की जाएगी।
परीक्षा सुधारों पर होगी विस्तृत बहस
संसद में होने वाली इस चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए प्रस्तावित प्रावधानों पर अपने-अपने विचार रखेंगे। इस बहस को छात्रों और अभ्यर्थियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुधारों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
