PoK में पाकिस्तानी सेना की फायरिंग, 9 प्रदर्शनकारियों की मौत, चुनाव बहिष्कार का आंदोलन हिंसक

PoK protest Pakistan army firing

रावलकोट में निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां, JAAC ने किया 9 नामों का खुलासा, कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड, मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका

 

 

 

रावलकोट/मुजफ्फराबाद। पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) के खिलाफ पिछले 40 दिनों से चल रहे प्रदर्शन के बीच रविवार को एक बड़ी घटना घटी। रावलकोट में प्रदर्शनकारियों (rawalakot protest) पर पाकिस्तान सेना ने कथित तौर पर गोलियां चलाईं, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

 

क्या है पूरा मामला?

प्रदर्शनकारी चुनाव प्रक्रिया और पाकिस्तान सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर राजधानी मुजफ्फराबाद की ओर मार्च कर रहे थे। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) कर रही थी। इसी दौरान हजारों निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तान सेना के जवानों ने गोलियां चला दीं।

 

पीड़ितों की पहचान

JAAC द्वारा शेयर की गई हाथ से लिखी एक सूची में मारे गए लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें उस्मान नजीर, काशिफ, मोहम्मद इब्राहिम, अर्सल असगर, हनीफ मोहम्मद बशीर, वसीम अफजल, बासित शाह और साबिर खान शामिल हैं।

 

प्रदर्शनकारियों की मांग

JAAC ने सरकार और सेना के दमन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों से चुनाव का बहिष्कार करने की अपील की है। उनकी मुख्य मांगों में 38-सूत्रीय मांग पत्र, न्याय, पाकिस्तानी कब्जे का अंत, और जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय की पुनः पुष्टि शामिल है।

 

क्या हो चुकी है कार्रवाई?

सरकार ने 5 जून को ही JAAC पर प्रतिबंध लगा दिया था और कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ नेता भूमिगत हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में अब तक लगभग 40 लोगों की मौत हो चुकी है।

 

हिंसा के बाद PoK के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड कर दी गई हैं। फिलहाल, तनाव बना हुआ है और स्थिति की निगरानी की जा रही है।

 

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