CJP Protest: छात्रों की गिरफ्तारी पर भड़की CJP, दोबारा करेगी प्रोटेस्ट? सामने आई बड़ी खबर
CJP Protest: 25 जुलाई के समझौते का पालन नहीं होने का आरोप लगाते हुए CJP ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है
CJP Protest: क्या 25 जुलाई का समझौता सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया? CJP ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए दोबारा आंदोलन की चेतावनी दे दी है। आखिर सरकार से क्या वादे हुए थे और अब विवाद क्यों बढ़ गया? पूरी खबर पढ़िए।
CJP Protest: CJP फिर शुरू करेगा आंदोलन, सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर 25 जुलाई को हुए समझौते का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए देशभर में दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। पार्टी का कहना है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया था, लेकिन कई राज्यों में अब भी छात्रों और आंदोलन से जुड़े लोगों पर पुलिस कार्रवाई जारी है। इसी वजह से पार्टी ने सरकार को लिखित आश्वासन देने के लिए अल्टीमेटम दिया है।
‘लिखित आश्वासन नहीं मिला तो फिर होगा आंदोलन’
राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के साथ आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यदि मंगलवार तक सरकार की ओर से समझौते की लिखित प्रति नहीं दी गई, तो पार्टी पूरे देश में फिर से प्रदर्शन शुरू करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि समझौते के बावजूद कई राज्यों में छात्रों की गिरफ्तारी जारी है और आंदोलन से जुड़े लोगों को लगातार निगरानी तथा उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
सौरव दास ने कहा कि सरकार ने बातचीत के दौरान जो भरोसा दिया था, उसका पालन अब तक नहीं किया गया है। ऐसे में पार्टी के पास दोबारा आंदोलन शुरू करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।
CJP Protest: FIR वापस लेने की मांग पर अड़ी CJP
CJP के प्रवक्ता अभिषेक रांका ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अपना वादा तोड़ दिया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली समेत कई राज्यों में आंदोलन से जुड़े स्वयंसेवकों को पुलिस और एजेंसियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
पार्टी ने मांग की है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं। साथ ही दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और भाजपा तथा एनडीए शासित राज्यों की पुलिस को नए मामले दर्ज करने से भी रोका जाए।
25 जुलाई के समझौते में क्या हुआ था?
CJP के मुताबिक, 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक में कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी थी। पार्टी का दावा है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने, भविष्य में किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने और कथित NEET पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या पीड़ित परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा देने पर विचार करने का भरोसा दिया था।
इसके अलावा परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े पांच सूत्रीय प्रस्तावों पर भी सरकार ने सकारात्मक विचार करने की बात कही थी। लेकिन CJP का आरोप है कि इन वादों को अब तक लागू नहीं किया गया है।

कपिल सिब्बल ने किया कानूनी मदद का ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आंदोलनकारियों के लिए कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया। उन्होंने बताया कि इसके लिए ‘साक्षी’ नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया जाएगा।
इस प्लेटफॉर्म पर छात्र और प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो, फोटो और अन्य सबूत अपलोड कर सकेंगे। कपिल सिब्बल ने कहा कि वे इस कानूनी सहायता अभियान की शुरुआत के लिए एक करोड़ रुपये का योगदान देंगे और देशभर के वकीलों से भी आंदोलनकारियों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
CJP Protest: अब सरकार के जवाब पर टिकी नजर
CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तय समय तक लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो देशभर में दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। ऐसे में अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले दिनों में छात्र आंदोलन और राजनीतिक टकराव फिर से तेज हो सकता है।
