प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर लगाया माओवादी आतंक छुपाने का आरोप, राहुल गांधी पर कसा तंज, कहा – “संविधान की किताब लेकर नाचने वाले नक्सलियों के रक्षक”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प दोहराया और विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार के 11 वर्षों के कार्यकाल में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 से घटकर मात्र 11 रह गई है। पीएम मोदी ने यह भी उजागर किया कि पिछले 75 घंटों में 303 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा, “एक समय था जब उनकी थ्री नॉट थ्री राइफलें चलती थीं, आज 303 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।”

कांग्रेस पर माओवादी आतंक को छिपाने का आरोप

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर माओवादी आतंक को छिपाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में देश का लगभग हर प्रमुख राज्य नक्सली हिंसा और माओवादी आतंक की चपेट में था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “मैं बड़े जिम्मेदारी से कहता हूं, जो लोग माथे पर संविधान की किताब लेकर नाचते हैं, वे आज भी माओवादियों की रक्षा में दिन-रात जुटे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अब भारत आतंकी हमलों के बाद चुप नहीं रहता। भारत सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों से दुश्मनों को करारा जवाब देता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “भारत अब रुकने के मूड में नहीं है। हम न रुकेंगे, न थमेंगे, 140 करोड़ देशवासी मिलकर तेजी से आगे बढ़ेंगे।”

माओवादी आतंक के पीड़ितों की आवाज

पीएम मोदी ने बताया कि हाल ही में माओवादी आतंक के कई पीड़ित दिल्ली आए थे और सात दिन तक रुके। उन्होंने हाथ जोड़कर अपनी व्यथा देशवासियों तक पहुंचाने की गुहार लगाई। पीएम ने कहा कि माओवादी आतंक के ठेकेदारों ने इन पीड़ितों की कहानियों को देश तक पहुंचने से रोका। उन्होंने बताया कि पहले देश के लगभग सभी बड़े राज्य माओवादी हिंसा की चपेट में थे। रेड कॉरिडोर में सरकार का कोई नियंत्रण नहीं था, लोग शाम को घर से बाहर निकलने में डरते थे। बीते 50 वर्षों में हजारों लोग इस हिंसा में मारे गए और कई सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। उन्होंने दोहराया कि जो लोग आज संविधान की किताब लेकर नाचते हैं, वे माओवादी हिंसा के दोषियों की रक्षा में लगे रहते थे।

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