वन भूमि पर बुलडोजर कार्रवाई, अवैध कब्जे हटाए गए, प्रभावितों ने कहा – नहीं मिला नोटिस

छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ जिले के जनकपुर नगर पंचायत क्षेत्र में वन विभाग ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों को हटाया। यह कार्रवाई उपवनमंडल जनकपुर के अंतर्गत वन परिक्षेत्र कुंवारपुर के कक्ष क्रमांक 1267 में की गई, जहां लंबे समय से वन भूमि पर अवैध निर्माण किया जा रहा था।

 

जानकारी के अनुसार, मनेंद्रगढ़ तिराहा के पास स्थित इस क्षेत्र में विभाग ने पहले ही भारतीय वन अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। समझाइश के बावजूद कब्जा नहीं हटाने पर विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए एक निर्माणाधीन मकान को जमींदोज किया और दो अन्य अतिक्रमणों को भी हटा दिया।

 

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका “अंधा मोड़” के पास स्थित है, जहां पहले कई सड़क हादसे हो चुके हैं। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई जरूरी थी। विभाग ने स्पष्ट किया कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।

 

वहीं, कार्रवाई से प्रभावित लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय दुकानदार बद्री प्रसाद गुप्ता का कहना है कि वे पिछले 15 वर्षों से यहां चाय-नाश्ते का ठेला लगाकर परिवार चला रहे थे, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का नोटिस नहीं मिला और अचानक उनका ठेला और मकान गिरा दिया गया।

 

दूसरे दुकानदार सोनू गुप्ता ने भी आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना के उन्हें जबरन हटाया गया, उनका सामान फेंक दिया गया और कुछ सामान ट्रैक्टर में भर लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनका मोबाइल और दुकान की चाबी तक छीन ली गई और किसी प्रकार की रसीद नहीं दी गई।

 

इस मामले में वन परिक्षेत्र अधिकारी कुंवारपुर विकास निकुंज ने बताया कि यह कार्रवाई वन मंडल अधिकारी के निर्देश और उपवन मंडल अधिकारी के मार्गदर्शन में की गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों को पहले ही 80A के तहत नोटिस और बेदखली आदेश दिए जा चुके थे। पहले भी अतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन दोबारा कब्जा कर लिया गया था।

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