मध्यान्ह भोजन रसोइयों का दर्द: 18 दिन से धरने पर, खुले आसमान के नीचे जल रहा चूल्हा

रायपुर : प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन बनाने वाली रसोइया इन दिनों खुद संघर्ष की आग में तप रही हैं। नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर सैकड़ों रसोइया खुले आसमान के नीचे कच्चे चूल्हे जलाकर भोजन बना रही हैं। अलग-अलग जिलों से आई महिलाएं सीमित संसाधनों में एक-दूसरे के सहारे दिन काट रही हैं।

18 दिनों से आंदोलन, राशन खत्म होने की स्थिति

रसोइया पिछले 18 दिनों से धरने पर बैठी हैं। वे अपने साथ घर से बर्तन, कपड़े, दैनिक जरूरत की सामग्री और राशन लेकर आई थीं, लेकिन अब कई महिलाओं का राशन लगभग खत्म हो चुका है।
ऐसे में रायपुर से सटे जिलों की रसोइया सहयोग के लिए आगे आई हैं और कच्चा राशन जुटाकर धरना स्थल तक पहुंचा रही हैं।

पानी के लिए करनी पड़ी जद्दोजहद

धरना शुरू होने के शुरुआती दिनों में पीने के पानी की गंभीर समस्या रही। मजबूरी में रसोइयों को तूता गांव के सरपंच से मदद मांगनी पड़ी और गांव से पानी लाना पड़ा।
बाद में जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप कर धरना स्थल के पास स्थित खराब बोर को दुरुस्त कराया, जिससे पानी की सुविधा बहाल हो सकी।

ठंड में तंबुओं में गुजर रही रातें

बीजापुर, बस्तर, राजनांदगांव, दुर्ग, कांकेर समेत कई जिलों से आई रसोइया अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर डटी हुई हैं।
डोम में जगह कम पड़ने के कारण कई महिलाओं ने धरना स्थल के पास खाली जमीन पर अस्थायी तंबू बना लिए हैं। ठिठुरती ठंड में बच्चों के साथ रातें गुजारना उनके लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

लकड़ियां बटोरकर बनता है खाना

रसोइया रोजाना आसपास के इलाकों से लकड़ियां इकट्ठा कर चूल्हा जलाती हैं। भोजन बनने के बाद सभी महिलाएं जमीन पर बैठकर एक साथ खाना खाती हैं और एक-दूसरे का हालचाल पूछती हैं। धरना स्थल पर यह साझा रसोई उनकी एकजुटता की पहचान बन चुकी है।

आज निकालेंगी प्रदेशव्यापी रैली

छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन रसोइया संयुक्त संघ के आह्वान पर 16 जनवरी को दोपहर 2 बजे तूता धरना स्थल से प्रदेशव्यापी रैली निकाली जाएगी। रैली धरना स्थल से अंडरब्रिज तक जाएगी।

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दो रसोइयों की तबीयत बिगड़ी

संघ अध्यक्ष रामराज कश्यप के अनुसार धरने के दौरान दो रसोइयों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें कांकेर और नारायणपुर जिले से आई रसोइया शामिल हैं।

क्या हैं प्रमुख मांगें?

संघ की प्रमुख मांगें—

कलेक्टर दर पर मानदेय भुगतान

छात्र संख्या कम होने पर नौकरी से हटाने की प्रक्रिया बंद हो

अंशकालीन रसोइयों को पूर्णकालिक किया जाए

संघ का दावा है कि प्रदेश की करीब 87 हजार मध्यान्ह भोजन रसोइया इस आंदोलन से जुड़ी हैं और मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।

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