NEET में फिर बड़ा खेल! 24 गिरफ्तार, मेडिकल छात्र ही निकले मास्टरमाइंड!

5 मेडिकल छात्र, 14 बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी गिरफ्तार; मास्टरमाइंड अर्पित राज पर 2024 पेपर लीक मामले में भी आरोप

लखीसराय/पटना। बिहार में एक बड़ा सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। लखीसराय पुलिस ने NEET UG Re-Exam के दौरान गैंग के 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें बायोमैट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारी और 5 मेडिकल छात्र शामिल हैं। आरोप है कि असली परीक्षार्थियों की जगह सॉल्वर्स बैठाकर परीक्षा दिलाने की साजिश रची गई थी।

रविवार को NEET UG परीक्षा में सॉल्वर गैंग के पर्दाफाश के एक दिन बाद पुलिस की जांच में लगातार नई कड़ियां जुड़ रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पावापुरी मेडिकल कॉलेज, राजगीर का छात्र रविशंकर इस नेटवर्क का मुख्य संचालक था।

 गिरोह ने बायोमेट्रिक सत्यापन में सेंध लगाई

पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह ने पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन व्यवस्था में ही सेंध लगा दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा दिलाने के लिए 30 लाख रुपये तक का सौदा किया गया था।

बायोमेट्रिक जांच से जुड़े कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी परीक्षार्थियों को वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश दिलाया गया था।

 गिरफ्तारियों में 5 मेडिकल छात्र ,  PMCH का छात्र भी शामिल

गिरफ्तार आरोपियों में पीएमसीएच का एक छात्र समेत 5 मेडिकल छात्र शामिल हैं। कुल तीन परीक्षा केंद्रों से 7 सॉल्वर और बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारियों समेत 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का खुलासा तब हुआ, जब हाजीपुर निवासी और पीएमसीएच का छात्र मयंक कश्यप संदिग्ध गतिविधियों के दौरान पकड़ा गया। मयंक कथित रूप से बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी के रूप में परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर गया था।

 मास्टरमाइंड अर्पित राज – 2024 पेपर लीक मामले में भी नाम

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड अर्पित राज है, जो गया मेडिकल कॉलेज का छात्र बताया जा रहा है। अर्पित का नाम साल 2024 के चर्चित NEET पेपर लीक मामले में भी सामने आया था।

पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही हैं। आशंका है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। इस में अब और भी खुलासे होने की संभावना है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की बात कही है। फिलहाल, सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।

 

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