जुड़वा बहनों ने बदमाश को सिखाया सबक, 2KM तक किया पीछा, बीच सड़क दबोचकर की धुनाई, SSP बोले- बहादुर बेटियां
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से बहादुरी और जाबाजी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसे देखकर ग्वालियर पुलिस भी इन बेटियों के हौसले की मुरीद हो गई है। पड़ाव क्षेत्र में मोबाइल छीनकर भाग रहे बाइक सवार एक शातिर बदमाश का दो बहनों ने न केवल एक्टिवा से पीछा किया, बल्कि उसे सड़क पर दबोचकर ऐसी सबक सिखाई कि बदमाश की सारी हेकड़ी निकल गई। बहनों की इस सूझबूझ और हिम्मत का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। मामला सामने आने के बाद ग्वालियर पुलिस ने दोनों बहनों को सम्मानित भी किया है।
एक्टिवा से किया स्नेचर का पीछा
मिली जानकारी के अनुसार सीपी कॉलोनी निवासी आशिता अग्रवाल और उनकी बहन राशिता अग्रवाल दोनों एक्टिवा से पड़ाव पुल होते हुए माधव कॉलेज जा रही थीं। इसी दौरान पीछे से आए एक बाइक सवार बदमाश ने झपट्टा मारकर उनका मोबाइल छीन लिया और तेजी से गाड़ी दौड़ाकर भागने लगा। जिसके बाद दोनों ने तुरंत अपनी एक्टिवा बदमाश की बाइक के पीछे लगा दी। करीब पीछा करने के बाद मानस भवन के पास दोनों बहनों ने बदमाश को घेरकर पकड़ लिया।
बीच सड़क जमकर की धुनाई, पुलिस को सौंपा
बदमाश को पकड़ने के बाद दोनों बहनों ने हिम्मत दिखाते हुए उसकी बीच सड़क जमकर धुनाई कर दी। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद दोनों जाबांज बहनों ने आरोपी को पकड़कर पड़ाव थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, SSP ने किया सम्मानित
घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों ने इस पूरी कार्रवाई का वीडियो बना लिया जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। जब यह वीडियो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो दोनों बहनों के साहस की हर तरफ तारीफ होने लगी।
ग्वालियर पुलिस ने दोनों बहनों को सम्मानपूर्वक एसपी कार्यालय बुलाया। जहां एसएसपी धर्मवीर सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों और डीएसपी क्राइम नागेंद्र सिकरवार की मौजूदगी में दोनों बहनों आशिता और राशिता को सम्मानित किया।
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि दोनों बेटियों का साहस और सूझबूझ काबिले तारीफ है। इन्होंने न केवल एक शातिर लुटेरे को जेल के पीछे पहुंचाया, बल्कि समाज और अन्य लड़कियों को भी अन्याय और अपराध के खिलाफ निडर होकर खड़े होने का संदेश दिया है।
हौसला मजबूत हो तो कोई भी नहीं हरा सकता-आशिता
छात्रा आशिता अग्रवाल ने बताया कि जब उनका मोबाइल छीना गया तो उन्होंने डरने की बजाय उस बदमाश को पकड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि लड़कियों को ऐसी स्थितियों में घबराने के बजाय हिम्मत से काम लेना चाहिए।
ग्वालियर की इन दोनों बेटियों ने साबित कर दिया है कि अगर मन में हिम्मत और इरादे मजबूत हों, तो अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, उसे उसके अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है।
