40 के बाद चीनी बंद, 1 की जगह 10 पेड़… इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय ने क्यों छेड़ा ‘ट्रंप फूफा’ का किस्सा?
इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने चिर-परिचित बेबाक और हाजिरजवाब अंदाज के लिए जाने जाते हैं। मंगलवार को इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से लेकर सेहत, राजनीति और पर्यावरण तक कई मुद्दों पर खुलकर बात की। अमेरिकी वीजा की पाबंदियों पर जहां उन्होंने मजाकिया अंदाज में चुटकी ली, वहीं अन्य मुद्दों पर बेहद संजीदा और स्पष्ट संदेश दिया।
‘ट्रंप फूफा सुबह क्या करेंगे और शाम को क्या… किसी को नहीं पता!’
भारतीयों के वीजा को लेकर अमेरिका की ओर से सामने आई नई पाबंदियों और सख्ती पर जब विजयवर्गीय से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कोई गंभीर कूटनीतिक भाषण देने के बजाय अपने ही चुटीले अंदाज में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कस दिया।
हंसते हुए विजयवर्गीय बोले कि अरे भाई, हमारे ट्रंप फूफा सुबह क्या करेंगे और शाम को क्या करेंगे, यह किसी को नहीं पता! अगर मैं अभी उनके बयान पर कोई गंभीर जवाब दे दूं और शाम तक फूफा जी अपनी बात से पलट जाएं, तो मेरा जवाब ही गलत साबित हो जाएगा। इसलिए बेहतर यही है कि मैं इस मुद्दे पर कोई जवाब ही न दूं। मंत्री जी के इस ‘फूफा’ वाले तंज पर कार्यक्रम में मौजूद लोग ठहाके मारकर हंस पड़े।
शक्कर पर सलाह: ’40 के पार मीठे से बनाएं दूरी’
अमेरिका पर चुटकी लेने के बाद विजयवर्गीय ने सेहत और शक्कर की बढ़ती कीमतों पर अपनी बात रखी:
बच्चों के लिए नियंत्रित दाम: उन्होंने कहा कि अगर शक्कर महंगी होती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बच्चों के लिए यह नियंत्रित और सस्ती दरों पर मिलनी चाहिए।
40 के बाद नो शुगर: उम्रदराज लोगों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि 40 साल की उम्र पार करने के बाद शक्कर का सेवन बिल्कुल बंद कर देना चाहिए। उन्होंने आयुर्वेद का हवाला देते हुए चीनी की जगह गुड़ को एक बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प बताया।
कविता पाटीदार की भावुकता पर बोले- ‘बचपन में बस्ता लेकर चलती थीं’
बीजेपी की राष्ट्रीय मंत्री बनने के बाद कविता पाटीदार द्वारा मंच पर कैलाश विजयवर्गीय के पैर छूने और भावुक होने का वीडियो वायरल होने पर उन्होंने पुरानी यादें साझा कीं। विजयवर्गीय ने बताया कि जब वे युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष थे, तब स्वर्गीय भेरूलाल पाटीदार के घर महू गए थे। उन्होंने याद करते हुए कहा कि उस समय कविता बहुत छोटी थीं और स्कूल का बस्ता लेकर चलती थीं। आज उसी होनहार बच्ची को राष्ट्रीय मंत्री के पद पर देखकर उन्हें और पूरे संगठन को गर्व महसूस हो रहा है।
‘क्लीन इंदौर’ के बाद अब ‘ग्रीन इंदौर’ का महा-अभियान
ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण संरक्षण को बड़ी चुनौती बताते हुए विजयवर्गीय ने शहर के लिए नया संकल्प दोहराया:
क्लीन के बाद ग्रीन: उन्होंने कहा, “क्लीन तो हमने इंदौर को कर दिया, अब इसे ग्रीन बनाना है।” शहर भर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है। सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में 20 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे आगे चलकर 1 लाख से अधिक किया जाएगा।
पेड़ सूखा तो 10 नए लगाने होंगे: विकास कार्यों और सड़क चौड़ीकरण के दौरान री-प्लांट किए गए पेड़ों के न पनपने पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने इंदौर नगर निगम और IDA को साफ निर्देश दिए हैं कि अगर एक पेड़ नष्ट होता है, तो उसकी जगह 10 नए पेड़ लगाने होंगे।
