Forest Encroachment Gariaband: 22 गिरफ्तार, वन भूमि पर अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई का बड़ा कदम
Forest Encroachment Gariaband के तहत उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में 22 लोगों की गिरफ्तारी हुई। अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई तेज, सैकड़ों हेक्टेयर भूमि मुक्त।
Forest Encroachment Gariabandके तहत छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी कोर रेंज के घुरवाड़ क्षेत्र में की गई, जहां आरोपी वन भूमि पर अतिक्रमण कर वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचा रहे थे।
मामले में वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों द्वारा जंगल के भीतर अवैध रूप से कब्जा कर पेड़ों की कटाई की जा रही थी और जमीन को खेती योग्य बनाने की कोशिश की जा रही थी। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब प्रदेश में वन भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है। वन विभाग लगातार ऐसे अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चला रहा है, ताकि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
94 हेक्टेयर जमीन से हटाया गया कब्जा
Forest Encroachment Gariabandसे पहले महासमुंद जिले में भी वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 94 हेक्टेयर वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया था। इस दौरान 52 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
वन विभाग के मुताबिक, तमोरा बीट के कक्ष क्रमांक 95 और 96 के आरक्षित वन क्षेत्र में अतिक्रमण कर हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा था और जमीन को खेती योग्य बनाया जा रहा था।
लगातार चल रहा अभियान
Forest Encroachment Gariaband के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी वन विभाग का अभियान जारी है। इससे पहले धमतरी जिले में भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई थी।
धमतरी के दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के अंतर्गत वनखंड क्रमांक 169, पालगांव गोंदलानाल क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था।
वन्यजीवों के लिए खतरा
Forest Encroachment Gariaband के तहत सामने आए मामलों ने यह साफ कर दिया है कि अतिक्रमण केवल जमीन का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह वन्यजीवों के अस्तित्व के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों की कटाई और अवैध कब्जों के कारण वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास तेजी से खत्म हो रहा है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।
प्रशासन सख्त मोड में
Forest Encroachment Gariaband को लेकर वन विभाग और प्रशासन अब सख्त रुख अपनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति में वन भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वन विभाग की टीमों को नियमित निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

आगे और तेज होगी कार्रवाई
Forest Encroachment Gariaband के बाद संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे मामलों पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जाएंगे।
Forest Encroachment Gariaband ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाना कितना जरूरी है।
लगातार हो रही कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि सरकार और वन विभाग अब इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यदि इसी तरह सख्ती जारी रही, तो आने वाले समय में वन भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
Read more-
