West Bengal Election Rally: राहुल गांधी का हमला, BJP-TMC पर मिलीभगत का दावा
West Bengal Election Rally के दौरान राहुल गांधी ने BJP, RSS और TMC पर तीखा हमला बोला। ममता बनर्जी और मोदी सरकार पर मिलीभगत के आरोप लगाए।
West Bengal Election Rally के दौरान पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हुगली जिले के सेरामपुर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। इसमें में उन्होंने भाजपा, आरएसएस और ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी पर एक साथ तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की कार्रवाई और राज्य सरकार की भूमिका पर कई सवाल उठाए।
BJP और TMC पर एक साथ निशाना
West Bengal Election Rally में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और टीएमसी के बीच अंदरखाने समझौता है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ सख्ती से लड़ रही होतीं, तो जांच एजेंसियों की कार्रवाई अलग दिखती।
उन्होंने सवाल उठाया कि उनके खिलाफ कई केस दर्ज किए गए, लेकिन ममता बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। रैली के मंच से उन्होंने इसे राजनीतिक मिलीभगत का संकेत बताया।
केस और ED पूछताछ को लेकर सवाल
West Bengal Election Rally के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि उनके खिलाफ 36 मामले दर्ज किए गए और Enforcement Directorate ने उनसे 55 घंटे तक पूछताछ की। उन्होंने कहा कि वे इस समय जमानत पर हैं और उन्हें कई तरह की कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका घर छीन लिया गया और लोकसभा सदस्यता भी खत्म कर दी गई थी। अपने भाषण में उन्होंने पूछा कि ममता बनर्जी से कितनी बार पूछताछ हुई है।
उद्योग और बेरोजगारी का मुद्दा
West Bengal Election Rally में राहुल गांधी ने टीएमसी सरकार पर राज्य में उद्योग खत्म करने और बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में नौकरी पाने के लिए राजनीतिक संबंध होना जरूरी हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम युवाओं के लिए अवसर कम होते जा रहे हैं और इससे राज्य की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने रोजगार को बड़ा चुनावी मुद्दा बताया।
घोटालों का जिक्र कर साधा निशाना
West Bengal Election Rally के दौरान राहुल गांधी ने सारदा और रोज वैली जैसे चिटफंड घोटालों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इन घोटालों में लाखों निवेशकों का पैसा फंसा हुआ है और राज्य के लोग इससे प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इन मामलों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ, लेकिन फिर भी सख्त कार्रवाई नहीं दिखी। उन्होंने इसे भी भाजपा और टीएमसी के बीच नरमी का उदाहरण बताया।
TMC की ओर से पलटवार
West Bengal Election Rally के बाद टीएमसी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। पार्टी की प्रवक्ता डॉ. शशि पांजा ने कहा कि टीएमसी नेताओं को चुनाव के दौरान भी जांच एजेंसियों के नोटिस मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनता तय करेगी कि भाजपा के खिलाफ कौन मजबूती से लड़ रहा है। उनके भाषण के बाद यह बयान राजनीतिक माहौल को और गरमाने वाला माना जा रहा है।
चुनावी माहौल हुआ और गरम
West Bengal Election Rally ने साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी मुकाबला काफी तीखा होने वाला है। कांग्रेस, भाजपा और टीएमसी तीनों ही पार्टियां एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रही हैं।
राज्य में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले इस तरह के बयान और आरोप चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन गए हैं। रैली के जरिए राहुल गांधी ने अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है।

आगे क्या असर पड़ेगा
West Bengal Election Rally के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन आरोपों का वोटर्स पर कितना असर पड़ता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के सीधे आरोप चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।
इस रैली यह भी दिखाया कि विपक्षी दलों के बीच भी टकराव कम नहीं है। आने वाले दिनों में प्रचार और भी तेज होने की संभावना है।
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