अवैध शराब से भरे ट्रक ने TI को कुचला, इलाज के दौरान मौत; MP सरकार देगी 1 करोड़ की सहायता और पत्नी को SI की नौकरी

देवास/भोपाल। मध्य प्रदेश के देवास जिले में शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की आयशर ट्रक की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना इंदौर-बैतूल हाईवे पर नेमावर रोड के पास हुई। राज्य सरकार ने टीआई के बलिदान को ‘शहीद’ का दर्जा दिया है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और दिवंगत अधिकारी की पत्नी को सब-इंस्पेक्टर पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने की घोषणा की है।

कैसे हुआ हादसा?

पुलिस के अनुसार खुफिया सूचना मिली थी कि हरदा से गुजरात के लिए अवैध शराब की एक बड़ी खेप भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही देवास पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के निर्देश पर जिले में कई टीमें गठित की गईं। एक टीम का नेतृत्व खातेगांव टीआई दिलीप पुरी कर रहे थे, जबकि अन्य टीमों का नेतृत्व सतवास और कन्नौद थाना प्रभारी कर रहे थे।

इंदौर-बैतूल हाईवे पर नाकाबंदी के दौरान जब टीआई दिलीप पुरी ने संदिग्ध आयशर ट्रक को रोकने का प्रयास किया, तो तस्करों के वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। वाहन का पिछला पहिया उन पर चढ़ गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही काफी खून बह गया। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे तक चले इलाज और सीपीआर के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

1800 लीटर शराब जब्त, स्पेशल DG को सौंपी गई जांच

देवास एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि घटना में प्रयुक्त आयशर ट्रक को पुलिस ने जब्त कर लिया है, जिससे 1800 लीटर से अधिक अवैध शराब बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में शराब का स्रोत हरदा की एक शराब दुकान बताया जा रहा है। मामले की तहकीकात जारी है कि खेप कहां पहुंचाई जानी थी। एसपी ने स्पष्ट किया कि मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को जिम्मेदारी सौंपकर मौके पर भेजा गया है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, 1 करोड़ रुपये और पत्नी को SI पद की घोषणा

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा:

“देवास जिले के खातेगांव में कर्तव्य निर्वहन करते हुए थाना प्रभारी श्री दिलीप पुरी जी के दिवंगत होने का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। वीर बलिदानी की धर्मपत्नी को सब-इंस्पेक्टर पद पर अनुकंपा नियुक्ति और परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं।”

 क्षेत्रीय विधायक आशीष शर्मा ने भी कहा कि टीआई दिलीप पुरी ने कर्तव्य निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है।

 

शिक्षक से पुलिस अधिकारी बने थे दिलीप पुरी; राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार

2007 बैच के सब-इंस्पेक्टर रहे दिलीप पुरी ने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षक के तौर पर की थी, जिसके बाद वे पुलिस सेवा में आए। प्रमोशन पाकर टीआई बनने के बाद वे इंदौर के हीरा नगर और चंदन नगर जैसे थानों में भी पदस्थ रहे। उत्कृष्ट सेवा और कार्यकुशलता के चलते बीते सितंबर माह में ही उन्हें तत्कालीन एसपी पुनीत गेहलोत द्वारा सम्मानित किया गया था।

शहीद टीआई दिलीप पुरी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बरमंडल जिला धार में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। घटना के बाद से पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर है।

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