‘मैं डेट पर जाती हूं, तुम भी जाओ…’ स्कूल में लेडी टीचर की ‘अश्लील क्लास’, मर्डर की धमकी से खौफ में छात्र

छिंदवाड़ा। एक तरफ जहां सरकार सरकारी स्कूलों को ‘पीएम श्री’ का दर्जा देकर बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा और संस्कार देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर छिंदवाड़ा जिले से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर स्थित पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंडाली कलां में पदस्थ एक शिक्षिका पर छठवीं कक्षा के मासूम छात्र-छात्राओं के साथ अश्लील संवाद करने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक ने आरोपी शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

मासूमों की जुबानी: शिक्षिका की वो बातें जिन्हें सुनकर दहल जाए दिल

कक्षा छठवीं के छात्र-छात्राओं ने स्कूल प्रबंधन और अपने अभिभावकों के सामने शिक्षिका भावना शर्मा की जिन करतूतों का खुलासा किया है वे किसी को भी हैरान कर सकती हैं। बच्चों की शिकायत के अनुसार शिक्षिका क्लासरूम में पढ़ाई कराने के बजाय कथित तौर पर ऐसी बातें करती थीं:

अश्लील और आपत्तिजनक सलाह: शिक्षिका कथित तौर पर छात्राओं से कहती थी- ‘चार-पांच बॉयफ्रेंड बना लो, प्रेग्नेंट हो जाओ, मैं तुम्हारे बच्चों को खिलाऊंगी।‘

डेटिंग का ज्ञान: बच्चों के बीच कहती थी- ‘मैं डेट पर जाती हूं, तुम भी डेट पर जाओ।‘

मर्डर की खौफनाक धमकी: सबसे गंभीर आरोप उस कथित धमकी को लेकर है, जिसमें शिक्षिका ने बच्चों से कहा- ‘मैंने 5 मर्डर किए हैं, तुम्हारा भी मर्डर कर दूंगी। मेरी फ्रेंड पुलिस इंस्पेक्टर है, इसलिए मुझ पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।‘

अभिभावकों का फूटा गुस्सा, प्राचार्य से की शिकायत

जब मासूम बच्चों ने घर जाकर अपने पालकों को शिक्षिका के इस रवैये और धमकियों के बारे में बताया तो अभिभावक सन्न रह गए। पालक संघ के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने तुरंत स्कूल पहुंचकर प्राचार्य दिनेश शर्मा के सामने विरोध दर्ज कराया। प्राचार्य ने बच्चों से अलग-अलग बातचीत कर मामले की जानकारी ली और बच्चों से लिखित शिकायत प्राप्त की। मामला जैसे ही उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, विभागीय जांच के बाद शिक्षिका भावना शर्मा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

निलंबन आदेश लेने से इनकार, आरोपी शिक्षिका ने बताया ‘साजिश’

सूत्रों के मुताबिक आरोपी शिक्षिका का विवादों से पुराना नाता रहा है और उनके खिलाफ पहले भी शिकायतें आती रही हैं। यह बात भी सामने आई है कि शिक्षिका ने शुरुआत में निलंबन आदेश लेने से भी इनकार कर दिया था। दूसरी ओर आरोपी शिक्षिका भावना शर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है और बच्चों को बहला-फुसलाकर उनके खिलाफ झूठे बयान दिलवाए जा रहे हैं।

गंभीर सवाल: सिर्फ निलंबन क्यों, पुलिस एफआईआर क्यों नहीं?

इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों और पालकों का कहना है कि छठवीं कक्षा के कोमल मन वाले बच्चों के सामने इस तरह की भाषा शैली और मर्डर की धमकी देना बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।

वहीं अगर आरोप इतने गंभीर हैं और बच्चों को जान से मारने की धमकी दी गई है तो मामला सिर्फ विभागीय निलंबन तक ही क्यों सीमित है? अभी तक पुलिस में एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई गई?

फिलहाल शिक्षिका के निलंबन के बाद अब देखने वाली बात होगी कि क्या पुलिस इस मामले में संज्ञान लेकर निष्पक्ष कानूनी जांच करती है या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

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