छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने BALCO के खिलाफ सुनाया फैसला, कर्मचारियों को सप्लाई की गई बिजली पर नहीं मिलेगा ITC लाभ
Chhattisgarh High Court
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) से जुड़े एक अहम कर विवाद में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कर दिया कि कर्मचारियों के टाउनशिप को सप्लाई की गई बिजली पर कंपनसेशन सेस (Compensation Cess) के रूप में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा नहीं किया जा सकता।
कोरबा स्थित BALCO देश की प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादक कंपनियों में से एक है। कंपनी अपने खुद के पावर प्लांट चलाती है और कोयला आयात करके बिजली उत्पादन करती है, जिस पर जीएसटी के तहत कंपनसेशन सेस भी लगता है।
BALCO ने फरवरी 2019 के लिए कुल 7.45 करोड़ रुपए के ITC रिफंड का आवेदन दिया था। लेकिन टैक्स विभाग ने इसमें से 51.5 लाख रुपए का दावा खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि कर्मचारी टाउनशिप को दी गई बिजली व्यवसायिक गतिविधि का हिस्सा नहीं है।
कंपनी ने इस आदेश को चुनौती देते हुए कई याचिकाएं दाखिल कीं, लेकिन सिंगल बेंच ने 31 जुलाई 2025 को सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। इसके बाद BALCO ने इंट्रा-कोर्ट अपील दायर की, जिस पर अब हाईकोर्ट ने भी सिंगल जज के फैसले को बरकरार रखा है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि कर्मचारी टाउनशिप को बिजली की आपूर्ति “व्यवसाय के दौरान या उसके विस्तार” के अंतर्गत नहीं आती, इसलिए इस पर ITC क्लेम नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि CGST नियमों में जो संशोधन 5 जुलाई 2022 से लागू हुआ था, उसे पूर्वव्यापी (retrospective) प्रभाव से लागू नहीं माना जा सकता।
न्यायालय ने BALCO की सभी अपीलें खारिज कर दीं और कहा कि यह नियम केवल आगे से लागू होगा। कोर्ट ने किसी भी पक्ष को लागत (cost) देने से भी इनकार कर दिया।
यह फैसला उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह निर्धारित करता है कि कर्मचारियों को दी जाने वाली सुविधाओं पर ITC क्लेम की सीमा क्या होगी।
