CGPSC भर्ती घोटाला: ED की चार्जशीट में WhatsApp चैट का जिक्र, उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघरिया के बीच रकम को लेकर बातचीत का दावा

उत्कर्ष चंद्राकर

CGPSC भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में उत्कर्ष चंद्राकर और पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी रहे चेतन बोरघरिया के बीच हुई WhatsApp चैट को जांच के अहम साक्ष्यों में शामिल किया गया है। चार्जशीट के मुताबिक, बातचीत में उत्कर्ष की ओर से रकम को लेकर दबाव बनाने वाले संदेश भेजे गए, जबकि चेतन की तरफ से इंतजार करने और काम किए जाने की बात कही गई।

जांच एजेंसी ने इन चैट को दोनों के बीच बताए गए वित्तीय लेन-देन और बैंक रिकॉर्ड से जोड़कर अपनी जांच का हिस्सा बनाया है। हालांकि, चेतन बोरघरिया ने अभ्यर्थियों से किसी तरह की रकम लेने के आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि उत्कर्ष से ली गई रकम व्यक्तिगत उधार थी, जिसे उन्होंने वापस किया था।

मई 2025 में शुरू हुई बातचीत का जिक्र

ED की चार्जशीट के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघरिया के बीच 14-15 मई 2025 को मैसेज के जरिए बातचीत हुई थी। इसमें उत्कर्ष ने कथित तौर पर लिखा- ‘उत्कर्ष हूं सर, कॉल नहीं उठाओगे तो प्रॉब्लम बढ़ जाएगी।’ इसके बाद चेतन ने उत्कर्ष को ब्लॉक कर दिया। रिकॉर्ड के मुताबिक, 11 अगस्त 2025 को उसे दोबारा अनब्लॉक किया गया और दोनों के बीच फिर से संपर्क शुरू हुआ।

‘सबको ले के डूबूंगा’ जैसे मैसेज का उल्लेख

चार्जशीट में आगे उत्कर्ष की ओर से भेजे गए कुछ अन्य संदेशों का भी उल्लेख है। इनमें रकम को लेकर दबाव बनाने की बात सामने आती है। एक संदेश में कथित तौर पर पेन ड्राइव में जानकारी होने और उसे मीडिया के सामने रखने तथा केस करने की बात कही गई। एक अन्य मैसेज में ‘सबको ले के डूबूंगा’ लिखा होने का जिक्र चार्जशीट में किया गया है। ED ने इन संदेशों को मामले में कथित वित्तीय लेन-देन से जोड़कर देखा है। हालांकि, इन चैट की जांच एजेंसी द्वारा की गई व्याख्या और संबंधित आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के अधीन है।

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चेतन के मैसेज में ‘वेट करो’ का जिक्र

चार्जशीट के मुताबिक, बातचीत के दौरान चेतन बोरघरिया की ओर से उत्कर्ष को कई जवाब दिए गए। एक संदेश में कथित तौर पर लिखा गया- ‘पूछ चुका हूं, जब आ जाएगा तो सामने वाला खुद ही कर देगा, तुम्हारा डिटेल्स फारवर्ड कर चुका हूं।’ इसके बाद 27 अक्टूबर को भेजे गए संदेशों में ‘वेट करो’, ‘कल तक आएगा’ और ‘तुम्हारा ही काम कर रहा हूं’ जैसे जवाबों का उल्लेख किया गया है। अगले दिन भेजे गए संदेशों में कथित तौर पर रकम को लेकर भी बातचीत हुई। इसमें ‘इधर पांच ही हो पाएगा उससे ज्यादा नहीं’, ‘हो गया है’ और ‘कल हैंडओवर होगा’ जैसे संदेश दर्ज होने की बात कही गई है।

‘उधार की रकम लौटाई’, चेतन ने आरोपों से किया इनकार

ED के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर, डॉ. विकास चंद्राकर और अन्य लोगों के माध्यम से CGPSC अभ्यर्थियों से चयन के नाम पर करीब 3.13 करोड़ रुपये जुटाए जाने का आरोप है। जांच एजेंसी ने चेतन और उत्कर्ष के WhatsApp चैट के साथ-साथ बैंक खातों में हुए लेन-देन को भी जांच में शामिल किया है। वहीं, चेतन बोरघरिया ने ED को दिए अपने बयान में बताया कि उन्होंने उत्कर्ष से करीब 5-6 लाख रुपये उधार लिए थे और बाद में वही रकम वापस की। उन्होंने अभ्यर्थियों से जुड़े किसी भी पैसे को लेने के आरोप से इनकार किया है। चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि चेतन ने अभ्यर्थियों से 30 लाख रुपये या किसी अन्य रकम लेने की बात से इनकार किया।

भुगतान के स्क्रीनशॉट का भी जिक्र

चार्जशीट में 29 नवंबर की बातचीत का भी उल्लेख किया गया है। इसमें भुगतान के स्क्रीनशॉट के साथ चेतन की ओर से कथित तौर पर ‘अभी सैलरी से किया हूं’ लिखा गया था। ED ने WhatsApp चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड को अपनी जांच में शामिल किया है। अब इस मामले में इन साक्ष्यों की कानूनी जांच और अदालत में उनकी स्वीकार्यता अहम होगी।

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