CBSE का बड़ा बदलाव: 10वीं से हटेगा पर्यावरण शिक्षा विषय, वोकेशनल एजुकेशन होगी अनिवार्य

पर्यावरण शिक्षा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9वीं और 10वीं के पाठ्यक्रम में बदलाव करते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक कौशल आधारित और व्यावहारिक बनाने की दिशा में कदम उठाया है। नए नियम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किए जा रहे हैं। इसके तहत विद्यार्थियों के विषय चयन, व्यावसायिक शिक्षा और बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में अहम बदलाव किए गए हैं।

बोर्ड ने स्कूलों को नए दिशा-निर्देशों के अनुसार शैक्षणिक व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए हैं। नए बदलावों में 10वीं से पर्यावरण शिक्षा विषय को हटाना और व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य बनाए रखना प्रमुख है।

10वीं के पाठ्यक्रम से हटेगा पर्यावरण शिक्षा विषय

CBSE के नए निर्देशों के अनुसार, सत्र 2027-28 में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को पर्यावरण शिक्षा विषय नहीं पढ़ना होगा। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं के पाठ्यक्रम से ‘इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी’ विषय को भी हटा दिया गया है। इसके साथ ही CTMI के कुछ विशेष मॉड्यूल्स को भी पाठ्यक्रम से बाहर किया गया है।

इस बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों पर अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव कम करना और उन्हें मुख्य विषयों की पढ़ाई के लिए अधिक समय देना है।

9वीं और 10वीं में वोकेशनल एजुकेशन जरूरी

नए पाठ्यक्रम में कौशल विकास को विशेष महत्व दिया गया है। CBSE ने कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा यानी वोकेशनल एजुकेशन को अनिवार्य रखा है। इसके लिए छात्रों को सामान्य कौशल विकास विषय या बोर्ड की ओर से निर्धारित 22 स्किल विषयों में से किसी एक को चुनना होगा।

मूल्यांकन की प्रक्रिया विषय के चयन के आधार पर अलग-अलग होगी। सामान्य कौशल विकास विषय लेने वाले विद्यार्थियों का आकलन स्कूल स्तर पर आंतरिक रूप से किया जाएगा। वहीं, अधिसूचित 22 स्किल विषयों में से किसी एक का चयन करने वाले छात्रों को कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उसकी लिखित परीक्षा भी देनी होगी।

10वीं बोर्ड परीक्षा में पांच विषय होंगे अनिवार्य

CBSE की नई व्यवस्था के तहत सत्र 2027-28 की कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में पांच विषय सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य होंगे। इनमें पहली भाषा (R-1), दूसरी भाषा (R-2), गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान शामिल हैं।

इन पांचों विषयों की परीक्षा बोर्ड स्तर पर आयोजित की जाएगी। इसके अलावा विद्यार्थियों को अपनी पसंद और रुचि के अनुसार एक वैकल्पिक विषय चुनने का विकल्प भी मिलता रहेगा।

अभी 10वीं में पढ़ रहे छात्रों को नहीं होगी परेशानी

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नए बदलावों का असर वर्तमान में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर नहीं पड़ेगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के मौजूदा 10वीं के छात्रों की बोर्ड परीक्षाएं पहले से निर्धारित पाठ्यक्रम और पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही होंगी।

नई व्यवस्था मुख्य रूप से उन विद्यार्थियों के लिए लागू होगी, जो फिलहाल कक्षा 9वीं में पढ़ रहे हैं और अगले शैक्षणिक सत्र में 10वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे।

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