घंटों बैठाया-सेफ्टी ब्रीफिंग दी और फिर कहा उतरो, यात्रियों ने टरमैक पर बिताई रात; स्पाइसजेट फ्लाइट रद्द होने पर बवाल

मुंबई। घंटों की देरी के बाद आखिरकार जब बोर्डिंग का बुलावा आता है, तो थके-हारे यात्रियों को लगता है कि अब वे अपनी मंजिल के करीब हैं। विमान में अपनी-अपनी सीटों पर बैठते हैं, लगेज सेट होता है और एयर होस्टेस की नियमित सेफ्टी ब्रीफिंग भी पूरी हो जाती है। लेकिन करीब एक घंटे तक केबिन के भीतर बंद रहने के बाद अचानक क्रू का ऐलान गूंजता है-“विमान उड़ान नहीं भरेगा, सभी यात्री तुरंत नीचे उतर जाएं।” किसी बुरे सपने जैसी यह हकीकत मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर स्पाइसजेट की फ्लाइट संख्या SG 553 के सैकड़ों यात्रियों के साथ घटी, जिन्हें आधी रात को विमान से उतारकर सीधे टरमैक पर लावारिस छोड़ दिया गया।

चिल्लाते मुसाफिर, रोते बच्चे और टरमैक पर बीती रात

एक नवंबर की देर रात स्पाइस जेट की मुंबई से गोरखपुर के लिए तय यह उड़ान दिनभर की अनगिनत री-शेड्यूलिंग के बाद पहले से ही काफी लेट चल रही थी। आखिरकार यात्रियों को बोर्डिंग कराई गई, लेकिन कुछ ही देर में पूरी उड़ान ही रद्द घोषित कर दी गई। इसके बाद हवाईअड्डे के टरमैक पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में छोटे बच्चे रोते-बिलखते दिखे, वहीं बुजुर्ग और महिलाएं कड़कड़ाती थकान के बीच खुले डामर पर ही चादरें बिछाकर लेटने को मजबूर नजर आए। कुछ यात्री फर्श पर बैठे बेबसी में एयरलाइन अधिकारियों से सवाल पूछ रहे थे, तो कई लोग इस अमानवीय बर्ताव के खिलाफ जोर-जोर से चिल्लाकर अपना आक्रोश दर्ज करा रहे थे।

‘अगर नहीं चला पा रहे तो एयरलाइन बंद कर दीजिए’

स्पाइस जेट के विमान में सवार यात्री विजय लक्ष्मी माल्या ने रनवे और टरमैक से कई वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए, जो तेजी से वायरल हो गए। उन्होंने बेहद व्यथित स्वर में कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि उन्हें इस तरह रात के वक्त एक हवाई जहाज के नीचे जमीन पर लेटना पड़ेगा। उन्होंने चारों तरफ का नजारा दिखाते हुए बताया कि किस तरह दर्जनों यात्री बिना किसी बुनियादी सुविधा के जमीन पर पड़े हुए थे।

एक अन्य वीडियो में विजय लक्ष्मी ने एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सीधा गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “हम फ्लाइट के पास खड़े हैं। अगर आप लोग एयरलाइन सही से चला नहीं पा रहे हैं, तो इसे पूरी तरह बंद करवा दीजिए। न यह किसी बुकिंग पोर्टल पर दिखेगी, न कोई टिकट बुक करेगा और न ही किसी यात्री को इस तरह आधी रात को प्रताड़ित होना पड़ेगा। हम हाथ जोड़कर विनती करते हैं कि इस अव्यवस्था को तत्काल बंद किया जाए।”

क्रू पर अचानक छोड़कर चले जाने का गंभीर आरोप

यात्रियों द्वारा साझा किए गए दूसरे वीडियो में विमान से बाहर निकाले जाने के बाद का तनावपूर्ण मंजर साफ नजर आ रहा है। कई यात्री सुरक्षाकर्मियों और ग्राउंड स्टाफ के सामने सवाल उठा रहे थे। यात्रियों का गंभीर आरोप था कि फ्लाइट कैंसिल होने का एनाउंसमेंट होते ही विमान के पायलट और पूरा केबिन क्रू यात्रियों को भगवान भरोसे छोड़कर वहां से चुपचाप रवाना हो गए। पीछे छूटे परेशानहाल मुसाफिरों की सुध लेने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। यात्रियों ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए एयरलाइन और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और मामला दर्ज किए जाने की मांग की।

सबसे बड़ा सवाल: जब पाबंदी का पता था तो बोर्डिंग क्यों कराई?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल एयरलाइन की नीयत और प्रक्रियागत लापरवाही पर खड़ा हो रहा है। यात्रियों का तर्क है कि अगर गोरखपुर हवाईअड्डे पर रात के समय लैंडिंग की अनुमति नहीं थी, तो फिर पूरे दिन फ्लाइट को टालने के बाद यात्रियों को सिक्योरिटी होल्ड एरिया से निकालकर विमान के अंदर तक क्यों भेजा गया? उन्हें सीट बेल्ट बंधवाकर सेफ्टी ब्रीफिंग देने और करीब एक घंटे तक विमान में बंद रखने का क्या औचित्य था? एक पीड़ित यात्री ने लिखा कि यह सिर्फ एक परिचालन संबंधी देरी या तकनीकी बाधा नहीं है, बल्कि यात्रियों के बुनियादी अधिकारों का हनन और घोर गैर-जिम्मेदाराना रवैया है, जिसके लिए एयरलाइन प्रबंधन की सीधी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

स्पाइसजेट का पक्ष: ‘डिफेंस एयरपोर्ट के वॉच-ऑवर की थी बंदिश’

विवाद और वीडियो वायरल होने के बाद स्पाइसजेट एयरलाइन ने अपना आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि गोरखपुर हवाईअड्डा एक डिफेंस (रक्षा) हवाईअड्डा है, जहां नागरिक विमानों के संचालन के लिए कड़े ‘वॉच-ऑवर’ नियम लागू रहते हैं और वहां रात 9 बजे के बाद किसी भी विमान के परिचालन की अनुमति नहीं होती है। मुंबई से उड़ान में अत्यधिक विलंब हो जाने के कारण विमान गोरखपुर के तय समय-सीमा के भीतर नहीं पहुंच सकता था, जिसके चलते अनिवार्य परिचालन कारणों से फ्लाइट SG 553 को रद्द करना पड़ा।

एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों को हुई असुविधा के लिए वे क्षमाप्रार्थी हैं। फंसे हुए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 2 नवंबर को एक विशेष अतिरिक्त व्यावसायिक उड़ान की व्यवस्था की गई, जिसके जरिए यात्रियों को गोरखपुर भेजा गया। हालांकि, एयरलाइन की इस सफाई के बावजूद विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) के नियमों और यात्रियों के साथ हुए अमानवीय बर्ताव को लेकर सोशल मीडिया से लेकर विमानन हलकों तक तीखी बहस छिड़ गई है।

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