छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर से ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल! राशन से लेकर पेट्रोल-डीजल तक सप्लाई पर पड़ सकता है असर
छत्तीसगढ़ में परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। अपनी लंबित मांगों को लेकर संयुक्त ड्राइवर संघ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। संघ ने बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो 12 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इस आंदोलन का असर सिर्फ यात्री परिवहन तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है।
संघ के इस ऐलान के बाद प्रशासन के सामने परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो सकती है। ड्राइवरों की हड़ताल होने पर राशन वितरण, सब्जी मंडियों में आवक, पेट्रोल-डीजल की ढुलाई, खनिज परिवहन और यात्री बसों का संचालन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
33 जिलों के ड्राइवर संघ ने मिलकर लिया आंदोलन का फैसला
संयुक्त ड्राइवर संघ के मुताबिक, प्रदेश के 33 जिलों के ड्राइवर संगठनों के पदाधिकारियों की रायपुर में बैठक हुई थी। इसी बैठक में मांगों को लेकर एकजुट होकर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। संघ का कहना है कि इससे पहले भी अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया गया था, लेकिन उस समय मिले आश्वासन के बावजूद मांगों का समाधान नहीं हुआ।
अब संगठन ने दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। बस्तर में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को प्रस्तावित हड़ताल की जानकारी दे दी गई है।
ड्राइवरों की क्या हैं प्रमुख मांगें?
संघ का कहना है कि सड़क पर काम करने वाले चालकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन मारपीट, झूठे आरोप और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं सामने आती हैं। ड्राइवरों का आरोप है कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है।
इसी वजह से संगठन ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- ड्राइवर आयोग का गठन किया जाए।
- चालकों के हितों की सुरक्षा के लिए वेलफेयर व्यवस्था बनाई जाए।
- ड्राइवरों के लिए एक निर्धारित दिवस घोषित किया जाए।
- चालकों के साथ मारपीट और झूठे आरोपों जैसी घटनाओं पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था हो।
12 नवंबर से ठप हो सकती है परिवहन व्यवस्था?
संघ की चेतावनी के बाद अब सबकी नजर शासन और प्रशासन के अगले कदम पर है। यदि 12 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होती है तो प्रदेश में मालवाहक वाहनों के साथ यात्री बसों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है। इससे आम लोगों के साथ व्यापारियों और जरूरी सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों को परेशानी हो सकती है।
फिलहाल ड्राइवर संघ ने अपनी मांगों पर समाधान के लिए प्रशासन को समय दिया है। अब देखना होगा कि सरकार हड़ताल से पहले बातचीत कर कोई रास्ता निकालती है या फिर प्रदेश को परिवहन व्यवस्था में बड़े व्यवधान का सामना करना पड़ेगा।
