आधी रात तट से टकराएगा चक्रवात ‘मुरासु’: ओंगोल-नेल्लोर पर मंडराया खतरा, 4 राज्यों में अलर्ट

अमरावती/नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Cyclone Murasu) अब तेजी से तबाही की आशंका लिए दक्षिण आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात आज सोमवार की आधी रात से मंगलवार तड़के के बीच नेल्लोर और नरसापुर के मध्य, विशेष रूप से ओंगोल के दक्षिण में तट से टकराने (लैंडफॉल करने) की प्रबल संभावना है। तूफान के खतरे को देखते हुए तटीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आपातकालीन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तट की ओर कदम

मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, यह चक्रवाती तूफान पिछले छह घंटों के दौरान 22 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। सोमवार सुबह तक यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 14.1 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 81.4 डिग्री पूर्वी देशांतर पर केंद्रित था। उस वक्त इसकी दूरी नेल्लोर से करीब 160 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, चेन्नई से 180 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और ओंगोल से लगभग 210 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व दर्ज की गई थी।

आंध्र प्रदेश के कई जिलों में जलप्रलय जैसी स्थिति की आशंका

तूफान के चलते 1 से 4 नवंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश के विस्तृत इलाकों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर 204 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज हो सकती है। 2 और 3 नवंबर को तूफान का सबसे भीषण असर रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने एलुरु, कृष्णा, एनटीआर, पश्चिम गोदावरी, गुंटूर, बापटला, नेल्लोर और प्रकाशम जिलों में मूसलाधार बारिश की सीधी चेतावनी दी है। इन जिलों के निचले इलाकों में भारी जलभराव और बाढ़ जैसी विकट परिस्थितियां बन सकती हैं।

पड़ोसी राज्यों में भी दिखेगा ‘मुरासु’ का असर

तूफान का असर सिर्फ आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के राज्यों में भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। तेलंगाना में सोमवार से मौसम का मिजाज तेजी से बिगड़ेगा और 3 नवंबर को दक्षिणी व पूर्वी जिलों में अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। वहीं, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और कराईकल में बहुत भारी बारिश हो सकती है। दक्षिणी ओडिशा के गजपति, गंजाम, कोरापुट और रायगढ़ा में 4 नवंबर तक तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम बदलेगा

तूफान के असर से देश के कई अन्य हिस्सों में भी मौसमी हलचल तेज होगी। मध्य प्रदेश, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 नवंबर तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है, जबकि अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

प्रशासन ने की तटीय इलाकों में सतर्कता बरतने की अपील

प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों से समुद्र तट से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। मछुआरों को समुद्र में न जाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

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