सोना आज ₹2,530 सस्ता होकर ₹1.38 लाख पर आया: चांदी भी ₹1,372 गिरी, एक महीने में ₹40 हजार टूटी

सोना-चांदी

त्योहारों के बीच सोना और चांदी खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए सर्राफा बाजार से राहत की खबर है। दिवाली से पहले दोनों कीमती धातुओं के दाम लगातार नीचे आ रहे हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में एक दिन में 2,530 रुपये की कमी आई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव घटकर करीब 1.38 लाख रुपये रह गया है।

चांदी की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है। एक किलो चांदी 1,372 रुपये सस्ती होकर करीब 1.80 लाख रुपये पर पहुंच गई है। इससे पहले शुक्रवार को सोना लगभग 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1.81 लाख रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही थी।

एक महीने में सोना-चांदी दोनों हुए काफी सस्ते

अक्टूबर के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। एक अक्टूबर को 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.48 लाख रुपये था, जो अब घटकर लगभग 1.38 लाख रुपये रह गया है। इस दौरान सोने की कीमत 8,084 रुपये कम हुई।

वहीं, चांदी की कीमत में इससे भी ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। अक्टूबर की शुरुआत में एक किलो चांदी करीब 2.20 लाख रुपये की थी, जबकि अब इसका भाव लगभग 1.80 लाख रुपये रह गया है। महीने के दौरान चांदी 39,485 रुपये सस्ती हुई।

डॉलर की मजबूती से सोने पर बढ़ा दबाव

सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां अहम मानी जा रही हैं। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड की मजबूती ने सोने की चमक कुछ कम की है। इसके अलावा ऊंचे भाव पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी।

सोने की कीमतें अधिक होने से आम ग्राहकों की खरीदारी भी प्रभावित हुई है। मांग में कमी और बाजार में बिकवाली का दबाव कीमतों को नीचे खींच रहा है।

चांदी की चमक फीकी पड़ने की 3 वजहें

चांदी केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों में भी इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में इसकी कीमत पर औद्योगिक मांग का सीधा असर पड़ता है।

  • औद्योगिक मांग में कमी: सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से मांग कमजोर होने पर चांदी की कीमतों पर दबाव बन सकता है।

  • बड़े ट्रेडर्स की बिकवाली: वायदा और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की बिकवाली ने चांदी के भाव को प्रभावित किया।

  • सोने की गिरावट का असर: सोने की कीमतों में कमजोरी आने के बाद सर्राफा बाजार में चांदी पर भी दबाव बढ़ा।

क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?

कीमतों में लगातार बदलाव के बीच खरीदारों के मन में सवाल है कि क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए या और गिरावट का इंतजार करना चाहिए। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोना-चांदी खरीदने वालों को एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय किस्तों में खरीदारी करनी चाहिए।

उनका सुझाव है कि खरीदारी को 15 से 20 दिन के अंतराल पर अलग-अलग हिस्सों में बांटा जा सकता है। वहीं, निवेश के लिहाज से केवल एक-दो महीने की अवधि को ध्यान में रखने के बजाय 6 महीने से एक साल तक का नजरिया रखना बेहतर हो सकता है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहता है।

एक शहर में महंगा तो दूसरे में सस्ता क्यों मिलता है सोना?

देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमत एक जैसी नहीं होती। इसके पीछे स्थानीय बाजार और कारोबार से जुड़े कई कारण होते हैं।

  1. परिवहन और सुरक्षा खर्च: सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा का खर्च जुड़ता है।

  2. स्थानीय मांग: अलग-अलग राज्यों और शहरों में सोने की खपत अलग होती है। मांग और सप्लाई के आधार पर कीमतों में अंतर आ सकता है।

  3. स्थानीय सर्राफा एसोसिएशन: स्थानीय बाजारों में ज्वेलर्स और सर्राफा संगठनों के रेट में अंतर हो सकता है।

  4. पुराने स्टॉक की कीमत: ज्वेलर्स ने सोना किस भाव पर खरीदा था, इसका असर भी ग्राहकों को मिलने वाली कीमत पर पड़ सकता है।

रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे पहुंची चांदी

साल 2026 में सोने और चांदी ने कीमतों के मामले में कई बड़े उतार-चढ़ाव देखे हैं। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी का भाव 2.30 लाख रुपये था। इसके बाद 29 जनवरी 2026 को कीमत बढ़कर 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।

अब उस ऊंचे स्तर से चांदी करीब 2.06 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है।

सोने की बात करें तो 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपये था। 29 जनवरी को यह बढ़कर 1.76 लाख रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद से सोने की कीमत में लगभग 38 हजार रुपये की गिरावट आई है।

सोना खरीदते समय इन बातों को न करें नजरअंदाज

त्योहारों के दौरान सोने की खरीदारी करते समय केवल बाजार भाव देखकर फैसला न लें। इन दो बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

  • BIS हॉलमार्क और HUID जांचें: सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता का प्रमाण जरूर देखें। BIS हॉलमार्क और HUID नंबर की पुष्टि करें, ताकि कैरेट और शुद्धता की जानकारी मिल सके।

  • रेट और बिल का मिलान करें: खरीदारी से पहले IBJA की वेबसाइट पर सोने का भाव जांचें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने के रेट अलग होते हैं। बिल में वजन, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और टैक्स की जानकारी भी देखें।

असली चांदी की पहचान के लिए अपनाएं ये तरीके

चांदी की शुद्धता जांचने के लिए कुछ शुरुआती तरीके इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन केवल घरेलू टेस्ट के आधार पर असली-नकली का अंतिम फैसला नहीं करना चाहिए।

  • मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी सामान्य तौर पर चुंबक से नहीं चिपकती।

  • आइस टेस्ट: चांदी गर्मी की अच्छी सुचालक होती है, इसलिए इसके संपर्क में रखी बर्फ तेजी से पिघल सकती है।

  • कपड़ा टेस्ट: चांदी पर काली परत जमने पर उसे साफ करने से कपड़े पर काले निशान आ सकते हैं।

  • गंध की जांच: शुद्ध चांदी में सामान्यतः तेज धातु जैसी गंध नहीं होती।

चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता का प्रमाण और पक्का बिल लेना सबसे बेहतर तरीका है।

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