‘बचकर निकलने नहीं देंगे’: CEC ज्ञानेश कुमार पर राहुल गांधी का सीधा वार, जानें भाषण की 10 बड़ी बातें

नई दिल्ली। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ अपने तेवर बेहद कड़े कर लिए हैं। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के 10 राजाजी मार्ग स्थित आवास पर एक प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ का आयोजन किया गया। लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस मॉक संसद में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की मांग से जुड़ा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने संबोधन में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने और 2024 के लोकसभा चुनाव की वैधता को लेकर तीखे हमले बोले। राहुल गांधी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त इस पद पर नहीं टिक पाएंगे और विपक्ष उन्हें बचकर निकलने नहीं देगा।

राहुल गांधी के भाषण की 10 प्रमुख और बड़ी बातें:

1. ‘पद पर नहीं टिक पाएंगे ज्ञानेश कुमार’

राहुल गांधी ने सीधे CEC को निशाने पर लेते हुए कहा कि विपक्ष के पास ऐसे पुख्ता तथ्य हैं, जिनके आधार पर उनकी भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यदि इसके बावजूद भाजपा उन्हें पद पर बनाए रखने पर अड़ी रहती है, तो उसकी मंशा साफ उजागर हो जाएगी।

2. ‘हम आपको बचकर निकलने नहीं देंगे’

राहुल गांधी ने साफ किया कि विपक्ष इस लड़ाई को अधूरा नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे तंत्र के खिलाफ है जिसने भारत संघ (Union of India) की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रहार किया है।

3. मोदी-शाह का नाम लेकर अधिकारियों को चेतावनी

राहुल गांधी ने कहा कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे नेताओं से तो विपक्ष निपट लेगा, लेकिन उनके इशारे पर काम करने वाले अधिकारी किसी गलतफहमी में न रहें कि उन्हें हमेशा संरक्षण हासिल रहेगा। वे संस्थागत सुरक्षा की आड़ नहीं ले सकते।

4. ‘यह नया राजनीतिक हथियार है’

राहुल गांधी ने खरगे के आवास पर हुए आयोजन को सामान्य प्रतीकात्मक विरोध मानने से इनकार किया। राहुल ने कहा कि सांसदों और नागरिकों की भागीदारी से तैयार हुआ यह मंच जनता के मताधिकार की रक्षा का एक नया ‘राजनीतिक हथियार’ है।

5. ‘हमेशा संस्था के पीछे नहीं छिप सकते’

राहुल गांधी ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को यह समझना होगा कि वे हमेशा संस्थाओं के पीछे छिपकर जवाबदेही से नहीं बच सकते। देर-सवेर उन्हें जनता और उनके चुने हुए प्रतिनिधियों का सामना करना ही पड़ेगा।

6. ‘13.3 करोड़ वोटरों के नाम हटाने का दावा’

चुनावी प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि मतदाता सूची से 13.3 करोड़ नागरिकों के नाम काटे गए। उनके अनुसार, यह आंकड़ा देश के लगभग 15 प्रतिशत मतदाताओं के बराबर है।

7. ‘जीत का अंतर 3% और सवाल 15% वोटरों पर’

2024 के आम चुनाव के नतीजों से तुलना करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जब हार-जीत का अंतर महज 3 प्रतिशत के आसपास रहा, तो 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटना पूरी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को कटघरे में खड़ा करता है।

8. ‘2024 के चुनाव की वैधता पर सवाल’

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में यह गंभीर राजनीतिक आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यशैली से यह साबित होता है कि 2024 का चुनाव निष्पक्ष नहीं था और नतीजे सवालों के घेरे में हैं।

9. ‘एजेंसियों और संस्थाओं का दुरुपयोग’

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनावी तंत्र के साथ-साथ CBI, ED जैसी जांच एजेंसियों को नियंत्रित कर उनका राजनीतिक दुरुपयोग किया जा रहा है, लेकिन सत्ता पक्ष को समझना चाहिए कि ऐसा दौर कभी स्थायी नहीं रहता।

10. ‘प्यार और स्नेह के साथ दे रहा हूं चेतावनी’

राहुल गांधी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि विपक्ष की लड़ाई किसी व्यक्तिगत द्वेष से नहीं बल्कि संविधान और जनता की आवाज की रक्षा के लिए है। उन्होंने CEC पर कथित मिलीभगत के आधार पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई और मुकदमे की पैरवी की।

मॉक संसद में प्रस्ताव पारित, विपक्ष का आक्रामक रुख

मीरा कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुए इस कार्यक्रम के जरिए राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने संदेश दिया कि वे मतदाता अधिकारों और चुनाव आयोग की कार्यशैली के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे। विपक्षी नेताओं का कहना है कि संस्थागत निष्पक्षता को बहाल करने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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