Train Mobile Charging Rules: रात 11 बजे के बाद मोबाइल चार्जिंग बंद! रेलवे ने सख्त किए नियम

Train Mobile Charging Rules: भारतीय रेलवे में रात के समय सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। अब ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को इस व्यवस्था में किसी तरह की छूट नहीं देने और औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम ट्रेन में पावर बैंक फटने की हालिया घटना के बाद उठाया गया है।

हालांकि, यात्रियों को ध्यान देना चाहिए कि यह कोई नया नियम नहीं है। रेलवे बोर्ड ने 19 जून 2014 को ही रात के दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देश जारी किए थे। अब रेलवे प्रशासन पुराने नियम को सख्ती से लागू कराने पर जोर दे रहा है।

ट्रेन में पावर बैंक फटने से मचा हड़कंप

रिपोर्ट के मुताबिक, 25 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 3:38 बजे ट्रेन नंबर 12809 मुंबई-हावड़ा मेल में एक घटना हुई। ट्रेन ओडिशा में बंडामुंडा के पास थी, तभी B-3 एसी कोच में बर्थ नंबर 6 पर चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फट गया।

पावर बैंक फटने के बाद कोच में धुआं फैल गया और फायर अलार्म सक्रिय हो गया। इससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। रिपोर्ट के अनुसार, घटना के कारण ट्रेन करीब 15 मिनट तक रुकी रही। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।

इस घटना ने एक बार फिर ट्रेन में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की चार्जिंग और रात के समय यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

रेलवे बोर्ड ने क्या दिए निर्देश?

यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (UNI) की 28 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियरों को पत्र भेजकर चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के नियम का अनिवार्य रूप से पालन कराने को कहा है।

निर्देशों के अनुसार:

  • रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट की बिजली बंद रखनी होगी।
  • निर्धारित समय के दौरान इस नियम में किसी तरह की छूट नहीं दी जानी चाहिए।
  • संबंधित रेलवे कर्मचारियों को नियमों के बारे में स्पष्ट निर्देश और जरूरी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
  • रेलवे अधिकारियों और सुपरवाइजरों को औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना होगा कि चार्जिंग पॉइंट समय पर बंद किए जा रहे हैं।
  • रेलवे का उद्देश्य रात में यात्रियों के सोते समय चार्जिंग से जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिमों को कम करना है।

क्या ट्रेन में मोबाइल और पावर बैंक ले जाना प्रतिबंधित है?

नहीं। चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के नियम का मतलब यह नहीं है कि यात्री ट्रेन में मोबाइल फोन या पावर बैंक नहीं ले जा सकते। इसका सीधा अर्थ यह है कि निर्धारित समय के दौरान कोच में लगे चार्जिंग सॉकेट से बिजली उपलब्ध नहीं होगी।

इसलिए यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना इसी हिसाब से बनानी चाहिए। खासकर लंबी दूरी की रात की यात्रा करने वालों को मोबाइल, टैबलेट और अन्य जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बैटरी का ध्यान रखना होगा।

रात में ट्रेन से सफर करने वाले यात्री क्या करें?

अगर आप रात में ट्रेन से यात्रा करने वाले हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आपके लिए फायदेमंद होगा।

  • 1. रात 11 बजे से पहले फोन चार्ज कर लें: यात्रा के दौरान मोबाइल की बैटरी खत्म होने से बचने के लिए चार्जिंग पॉइंट बंद होने से पहले फोन चार्ज कर लें।
  • 2. पावर बैंक को चार्जिंग पर लगाकर न सोएं: चार्जिंग के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिना निगरानी के छोड़ने से बचें। पावर बैंक को नुकसान, अत्यधिक गर्म होने या खराब होने के संकेत दिखें तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें।
  • 3. बैटरी का इस्तेमाल सोच-समझकर करें: रात में मोबाइल की ब्राइटनेस कम रखना, गैर-जरूरी ऐप बंद करना और बैटरी सेवर का इस्तेमाल करना उपयोगी हो सकता है।
  • 4. जरूरी संपर्कों के लिए बैटरी बचाकर रखें: लंबी यात्रा में फोन की बैटरी का इस्तेमाल कॉल, टिकट और जरूरी जानकारी के लिए प्राथमिकता से करें।

2014 से लागू है नियम, अब सख्ती से होगा पालन

ट्रेन में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की व्यवस्था लगभग 12 साल पुरानी है। रेलवे बोर्ड ने 19 जून 2014 को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। हालिया घटना के बाद रेलवे ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से जुड़े इस नियम को लागू करने में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

यात्रियों के लिए सबसे अहम बात यह है कि रात 11 बजे के बाद ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध रहने की उम्मीद न रखें। सफर शुरू करने से पहले अपने मोबाइल और दूसरे जरूरी उपकरणों को चार्ज कर लें और पावर बैंक का इस्तेमाल भी सावधानी से करें।

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