राहुल गांधी से मिले झीरम पीड़ित और कांग्रेस नेता, भूपेश-टीएस समेत नेताओं ने की कानूनी चर्चा

झीरम घाटी

नई दिल्ली, 26 सितंबर 2026। झीरम घाटी मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं और घटना में प्रभावित परिवारों की राहुल गांधी से मुलाकात हुई। बैठक में झीरम घाटी घटना, हालिया अदालत के फैसले और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

मुलाकात में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम, अनीता योगेंद्र शर्मा, शिव सिंह ठाकुर, टीएस सिंहदेव और धनेंद्र साहू सहित अन्य नेता मौजूद रहे। बैठक में झीरम घाटी के शहीदों के परिजन और घटना में घायल हुए लोग भी शामिल हुए।

पीड़ित परिवारों ने राहुल गांधी के सामने रखे अपने पक्ष

बैठक में झीरम घाटी घटना से जुड़े पीड़ितों और उनके परिवारों ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी राहुल गांधी को दी। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, हालिया अदालत के फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा हुई।

झीरम घाटी मामले में विशेष एनआईए अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी ठहराने के बाद 16 सितंबर को उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ आगे उच्च न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया का रास्ता मौजूद है।

भूपेश बघेल बोले- आगे की लड़ाई के लिए लिया मार्गदर्शन

मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम घाटी के पीड़ित और प्रभावित परिवारों के साथ कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बैठक में घटना के पूरे घटनाक्रम और अदालत के फैसले से जुड़े सभी पहलुओं को विस्तार से रखा गया।

बघेल के मुताबिक, पीड़ित परिवारों का मानना है कि अदालत के फैसले से उनकी सभी अपेक्षाओं के अनुरूप न्याय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आगे किस तरह की कानूनी लड़ाई लड़ी जाए, इस पर राहुल गांधी से मार्गदर्शन लिया गया है।

टीएस सिंहदेव ने उठाया जांच के दायरे का मुद्दा

टीएस सिंहदेव ने बैठक को सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के सामने मामले से जुड़े तथ्य रखे गए।

सिंहदेव ने अपने बयान में कहा कि जिन 10 लोगों को सजा मिली है, उनके बारे में उनका कहना है कि वे गांव स्तर पर खाना पहुंचाने और गड्ढे खोदने जैसे काम करने वाले लोग थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों को वे मामले में बड़े नाम मानते हैं, उन्हें फरार बताकर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

यह सिंहदेव की ओर से बैठक के बाद व्यक्त किया गया पक्ष है। अदालत द्वारा जिन आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, उनके संबंध में न्यायिक रिकॉर्ड और अदालत के आदेश अलग से तथ्यात्मक आधार हैं।

कानूनी सहयोग को लेकर भी हुई चर्चा

टीएस सिंहदेव ने बताया कि बैठक में राहुल गांधी से कानूनी राय और सहयोग की मांग की गई। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने कानूनी मदद के लिए संबंधित लोगों से संपर्क करने की जानकारी दी।

इससे पहले भी झीरम घाटी मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं और पीड़ित परिवारों की बैठक हुई थी, जिसमें अदालत के फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा की गई थी।

झीरम घाटी मामले में अब आगे क्या?

25 मई 2013 को बस्तर के झीरम घाटी इलाके में हुए हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 27 लोगों की मौत हुई थी। विशेष एनआईए अदालत ने सितंबर 2026 में मामले में 10 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में अन्य आरोपी भी चार्जशीट में नामजद रहे हैं।

अब राहुल गांधी के साथ हुई इस बैठक के बाद कांग्रेस नेता और पीड़ित परिवार आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर अपने विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं।

Youthwings