राम मंदिर चढ़ावा चोरी में 70 हजार पन्नों की चार्जशीट: 8 आरोपी बनाए गए, ट्रस्ट को क्लीन चिट; चंपत राय बने सरकारी गवाह

लखनऊ। अयोध्या के बहुचर्चित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने जांच पूरी करते हुए 90 दिनों की तय समयसीमा से पहले अदालत में करीब 70 हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट पेश कर दी है। इस पूरे प्रकरण में गिरफ्तार आठ मुख्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप पत्र दाखिल किया गया है। वहीं दूसरी ओर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों और संबंधित बैंक प्रबंधन को जांच में बड़ी राहत मिली है। पुलिस के मुताबिक ट्रस्ट पदाधिकारियों और बैंक के खिलाफ गड़बड़ी का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने के चलते उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है।

चंपत राय और अन्य ट्रस्टी बने सरकारी गवाह

पुलिस द्वारा अदालत में प्रस्तुत चार्जशीट में स्पष्ट किया गया है कि ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर जांच एजेंसियों को कोई प्रतिकूल सबूत नहीं मिला, जिसके चलते उन्हें आरोपियों की सूची से पूरी तरह बाहर रखा गया है। जांच प्रक्रिया को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को इस मामले में सरकारी गवाह बनाया गया है।

अनुकल्प मिश्रा मास्टरमाइंड, इन आठ आरोपियों पर आरोप तय

पुलिस ने जिन आठ आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है, उनमें अनुकल्प मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश गुप्ता, कृष्णेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। पुलिस रिपोर्ट में अनुकल्प मिश्रा को इस पूरे चढ़ावा चोरी कांड का मुख्य साजिशकर्ता यानी मास्टरमाइंड करार दिया गया है। वहीं रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर बिना किसी आधिकारिक आदेश के दानपात्रों की चाबियां अपने पास रखने और श्रद्धालुओं को वीआईपी दर्शन पास दिलाने के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप दर्ज किया गया है।

भारी नकदी, डॉलर और चांदी के सिक्के बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य वस्तुएं बरामद की हैं, जिनका ब्योरा चार्जशीट में दर्ज है। मास्टरमाइंड अनुकल्प मिश्रा के ठिकाने से 16.82 लाख रुपये बरामद किए गए। लवकुश मिश्रा के घर से करीब 14.25 लाख रुपये की नकदी जब्त हुई। रमाशंकर मिश्रा के पास से 7.32 लाख रुपये नकद, एक डिब्बा और दो चांदी के सिक्के मिले। वहीं आरोपी अविनाश गुप्ता के पास से 20.39 लाख रुपये की भारी नकदी के साथ 1,121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद किए गए हैं।

3,300 टेक्स्ट मैसेज और डिजिटल साक्ष्यों से खुला खेल

जांच एजेंसी ने केवल नकदी बरामदगी ही नहीं, बल्कि वित्तीय और तकनीकी साक्ष्यों को भी चार्जशीट का मुख्य आधार बनाया है। जांच के दायरे में पांच से अधिक बैंक खातों के लेन-देन को शामिल किया गया है। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल से मिले करीब 3,300 टेक्स्ट मैसेज की पड़ताल से यह सामने आया कि किस तरह आपस में समन्वय बनाकर दानपात्रों से चढ़ावे की रकम को पार करने की सुनियोजित साजिश रची जा रही थी। इन सभी डिजिटल फॉरेंसिक रिकॉर्ड्स को केस डायरी और चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है।

आपराधिक षड्यंत्र और विश्वासघात की गंभीर धाराएं

पुलिस ने सभी आठों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें आपराधिक विश्वासघात, संगठित चोरी, अवैध संपत्ति रखने, आपराधिक साजिश और सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़ी धाराएं 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) शामिल की गई हैं। इस चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब यह मामला पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है, जहां अदालत दस्तावेजों का परीक्षण कर आरोपियों पर आरोप तय करेगी और गवाहों के बयान के साथ ट्रायल की शुरुआत होगी।

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