आधी रात को दरवाजा खटखटाकर ले गई रूसी पुलिस: मॉस्को में कानपुर का इंजीनियर जेल में बंद, पत्नी ने लगाई PM मोदी से गुहार!

कानपुर/मॉस्को। उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी और वर्क वीजा पर रूस में नौकरी करने गए एक भारतीय इंजीनियर चंदन गुप्ता को रूसी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पति के अचानक जेल भेजे जाने के बाद उनकी पत्नी स्नेहा गुप्ता अपने 10 वर्षीय बच्चे के साथ मॉस्को में अकेली फंस गई हैं। बेहद डरी और सहमी स्नेहा ने एक भावुक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप कर पति को सुरक्षित भारत वापस लाने की गुहार लगाई है।

रात 12:30 बजे अचानक पहुंची पुलिस, हिरासत की वजह अब तक साफ नहीं

स्नेहा गुप्ता के अनुसार, घटना रविवार रात करीब 12:30 बजे की है, जब रूसी पुलिस अचानक उनके फ्लैट पर पहुंची और बिना कोई स्पष्ट कारण बताए चंदन गुप्ता को अपने साथ ले गई। बाद में परिजनों को पता चला कि उन्हें हिरासत में लेकर जेल में रखा गया है। पत्नी का कहना है कि चंदन पूरी तरह वैध वर्क वीजा पर रूस में नौकरी कर रहे थे और उन्होंने ऐसा कोई गैरकानूनी काम नहीं किया है, जिसके चलते उन्हें इस तरह आधी रात को हिरासत में लिया जाए। कई दिन बीत जाने के बाद भी परिवार को यह स्पष्ट नहीं बताया गया है कि उन पर क्या आरोप लगाए गए हैं या उनके खिलाफ क्या कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

‘कहीं पति को जबरन सेना में न भेज दिया जाए’-पत्नी ने जताई गहरी आशंका

स्नेहा गुप्ता को सबसे बड़ा डर इस बात का सता रहा है कि कहीं उनके पति को रूस-यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर जबरन रूसी सेना में शामिल न कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि रूस में विदेशी नागरिकों और कामगारों को जबरन सेना में भर्ती किए जाने की खबरें लगातार आती रही हैं, इसी वजह से उन्हें चंदन की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सता रही है। हालांकि, चंदन को सेना में भेजे जाने या इस तरह की किसी जबरन भर्ती प्रक्रिया की फिलहाल कोई आधिकारिक या स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

भारतीय दूतावास से ठोस जानकारी न मिलने का आरोप

स्नेहा का दावा है कि उन्होंने मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) से भी कई बार संपर्क किया है, लेकिन वहां से उन्हें कोई संतोषजनक या ठोस जानकारी नहीं मिल पा रही है। दूतावास के अधिकारी केवल इतना कह रहे हैं कि उनके पति जल्द छूट जाएंगे, जबकि स्नेहा का कहना है कि उन्हें पारदर्शी तरीके से यह बताया जाना चाहिए कि चंदन को किस जुर्म में पकड़ा गया है, उन्हें किस जेल में रखा गया है और उनकी रिहाई कब तक संभव है।

10 साल के मासूम बच्चे के साथ परदेस में बेसहारा खड़ी स्नेहा ने भारत सरकार से अपील की है कि रूसी प्रशासन से उच्चस्तरीय बातचीत कर चंदन की स्थिति स्पष्ट कराई जाए और उन्हें सकुशल वतन वापस लाया जाए। उन्होंने देशवासियों से भी इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की अपील की है ताकि उनकी आवाज केंद्र और राज्य सरकार के जिम्मेदार कानों तक पहुंच सके।

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