MP में रोजगार और निवेश का नया सवेरा: दुबई में CM का मेगा शो, 180 देशों के सामने पेश करेंगे ‘इन्वेस्ट एमपी’
भोपाल। मध्य प्रदेश को औद्योगिक, व्यापारिक और कृषि निर्यात के वैश्विक नक्शे पर मजबूती से स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 से 9 सितंबर तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े निवेश मंचों में शुमार ‘एनुअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग’ यानी एआईएम कांग्रेस-2026 (AIM Congress 2026) में सहभागिता करेंगे। सीएम यहां विशेष सत्र ‘इन्वेस्ट एमपी-2026’ में दुनिया भर के शीर्ष उद्योगपतियों, सॉवरेन वेल्थ फंड्स और वैश्विक कंपनियों के साथ सीधा निवेश संवाद करेंगे। इस दौरे से राज्य में हजारों करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), उन्नत अधोसंरचना और लाखों रोजगार सृजित होने की प्रबल संभावनाएं हैं।
180 देशों के 20,000 प्रतिनिधि, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 का रोडमैप
दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के संरक्षण में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वैश्विक स्तर पर पूंजी निवेश जुटाने का सबसे बड़ा जरिया माना जाता है। एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष एवं यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के विशेष आमंत्रण पर पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव इस मंच से भोपाल में प्रस्तावित ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2027’ की नींव भी रखेंगे। इस वर्ष सम्मेलन में 180 से अधिक देशों के लगभग 20,000 प्रतिनिधि, वैश्विक नीति निर्माता और बड़े निवेशक शिरकत कर रहे हैं।
‘टाइकून्स’ सत्र में 500 से अधिक दिग्गज घरानों से सीधी बात
मुख्यमंत्री का फोकस राज्य में भारी निवेश आकर्षित करने पर केंद्रित है। वे आमंत्रण-आधारित प्रतिष्ठित ‘टाइकून्स’ कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहां दुनिया भर के करीब 500 सॉवरेन वेल्थ फंड्स, बड़े पारिवारिक कार्यालय और दिग्गज कारोबारी मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त सीएम डीपी वर्ल्ड, वीएफएस ग्लोबल, इमार, चोयथराम, शराफ ग्रुप और केजीके जैसी वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ वन-टू-वन बैठकें करेंगे। ‘मध्यप्रदेश पवेलियन’ और एक जिला-एक उत्पाद के प्रदर्शन के जरिए राज्य को ग्लोबल निवेश डेस्टिनेशन के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा।
दुबई की खाद्य जरूरतें और मध्य प्रदेश के किसानों की चांदी
रणनीतिक दृष्टि से यह यात्रा मध्य प्रदेश के कृषि क्षेत्र और अन्नदाताओं के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकती है। यूएई अपनी खाद्य आवश्यकताओं का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। वर्ष 2024 में यूएई का खाद्य आयात 16.2 बिलियन डॉलर पहुंच चुका है, जहां बड़ी प्रवासी आबादी के कारण भारतीय अनाज, दालों और प्रोसेस्ड फूड की मांग सबसे अधिक है।
मध्य प्रदेश इस मांग को पूरा करने में सबसे आगे है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 के आंकड़ों के मुताबिक, एमपी दलहन और मक्का उत्पादन में देश में नंबर-1 है, जबकि कुल खाद्यान्न (13.04%) और गेहूं (20.78%) उत्पादन में दूसरे स्थान पर काबिज है। देश का 60% सोयाबीन भी मध्य प्रदेश पैदा करता है। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री लूलू ग्रुप के प्रमुख यूसुफ अली एमए से विशेष चर्चा कर इस मांग को सीधे आपूर्ति अनुबंधों में बदलेंगे। दुबई जैसा सुनिश्चित निर्यात बाजार मिलने से प्रदेश के किसानों को फसलों के बेहतर दाम मिलेंगे और कोल्ड चेन, ग्रेडिंग तथा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में भारी निवेश आएगा।
प्रदेश के प्रमुख शहरों में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और एफडीआई का रास्ता
दुबई विश्वस्तरीय शहरी विकास और रियल एस्टेट का सिरमौर है। तीसरे दिन सीएम का बुर्ज खलीफा दौरा और विश्व विख्यात रियल एस्टेट डेवलपर ‘इमार’ के साथ बैठक इसी विजन का हिस्सा है। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे मध्य प्रदेश के महानगरों को आधुनिक टाउनशिप, कॉमर्शियल प्रोजेक्ट्स और स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदार मिलेंगे। इस अंतरराष्ट्रीय मंच से मिलने वाला निवेश मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
