UP Assembly Monsoon Session : हंगामे की भेंट चढ़ा सदन, अनिश्चितकाल के लिए स्थगित… योगी बोले- विपक्ष ने लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ी
6 अगस्त तक चलने वाला विधानसभा का मानसून सत्र 5 अगस्त को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया।
UP Assembly Monsoon Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र राजनीतिक टकराव और लगातार हंगामे के बीच तय समय से एक दिन पहले ही समाप्त हो गया। विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू हुआ था और इसे 6 अगस्त तक चलना था, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध और सदन की कार्यवाही बाधित होने के कारण विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने 5 अगस्त को ही सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानभवन परिसर में प्रेस वार्ता की और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर लोकतंत्र की मर्यादा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा जनता की समस्याओं के समाधान और विकास योजनाओं पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच है, लेकिन विपक्ष ने सदन को राजनीतिक विरोध का अखाड़ा बना दिया।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने युवाओं, किसानों, महिलाओं, गरीबों और कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के हित से जुड़े प्रस्तावों और विकास योजनाओं को लेकर सदन में आई थी, लेकिन लगातार हंगामे के कारण उन पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।
59 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अनुपूरक बजट का मुद्दा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अनुपूरक बजट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस बजट के जरिए युवाओं के रोजगार और स्किल डेवलपमेंट, किसानों के लिए नई योजनाओं, महिलाओं के सशक्तिकरण, गरीबों के कल्याण और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए वित्तीय प्रावधान लेकर आई थी।
सीएम योगी के मुताबिक, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के विस्तार, विभिन्न विकास परियोजनाओं और जनप्रतिनिधियों की मांगों को पूरा करने के लिए भी अनुपूरक बजट में धनराशि का प्रावधान किया गया था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष के हंगामे के कारण इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में चर्चा नहीं हो पाई।
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए आयोग का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी ने आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े सरकार के फैसले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहली बार आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए आउटसोर्सिंग आयोग के गठन का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, आयोग के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए अनुपूरक बजट में वित्तीय प्रावधान भी किए गए हैं।
आंगनबाड़ी, आशा वर्कर और रसोइयों के मानदेय पर क्या कहा?
सीएम योगी ने बताया कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा वर्करों, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों और कोटेदारों के मानदेय और प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की व्यवस्था की है।
इसके साथ ही वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और दिव्यांगजन पेंशन में बढ़ोतरी तथा नए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने का प्रावधान भी बजट में शामिल किए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता के दौरान अपनी सरकार की पूर्व उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों का मानदेय 3 हजार रुपये से बढ़ाकर पहले 10 हजार रुपये और बाद में 18 हजार रुपये किया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षामित्रों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसी तरह अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
सामाजिक न्याय की योजनाओं पर भी बोले CM योगी
सीएम योगी ने सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं और स्मारकों के विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर, महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास, महात्मा ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जैसे महापुरुषों से जुड़े स्मारकों, पार्कों और प्रतिमाओं के विकास के लिए 407 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण और विकास को गति देना है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के कारण ऐसे जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी।
सत्र खत्म होने के बाद भी जारी रही सियासी जंग
विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद भी उत्तर प्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसका रवैया युवा, किसान, महिला, गरीब, दलित और पिछड़ा वर्ग विरोधी है।
सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष ने राजनीतिक लाभ के लिए जनहित से जुड़े मुद्दों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उनकी सरकार विकास योजनाओं को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा से अनुपूरक बजट पारित हो चुका है। विधान परिषद से मंजूरी मिलने के बाद बजट में शामिल योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के हित सरकार के लिए सर्वोपरि हैं और सरकार अपने वादों को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
तीन दिन में ऐसा रहा यूपी विधानसभा का मानसून सत्र
3 अगस्त
मानसून सत्र की शुरुआत दिवंगत सपा विधायक आलम बदी समेत पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
4 अगस्त
सरकार ने 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। हालांकि विपक्ष के हंगामे और विरोध के कारण बजट पर अपेक्षित चर्चा नहीं हो सकी।
5 अगस्त
विपक्ष के लगातार विरोध के बीच विधानसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मानसून सत्र को तय कार्यक्रम से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
UP Assembly Monsoon Session: क्यों अहम है यह ?
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार राजनीतिक हंगामे के कारण चर्चा में रहा। सरकार जहां अनुपूरक बजट के जरिए विकास और कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष लगातार सरकार की नीतियों और विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध करता रहा।
सत्र के समय से पहले समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपा पर हमला इस बात का संकेत है कि विधानसभा के अंदर का राजनीतिक टकराव अब सदन के बाहर भी जारी रहेगा। आने वाले दिनों में अनुपूरक बजट, रोजगार, किसान, कर्मचारियों और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।
