परिसीमन बिल पर सरकार ने मांगा समर्थन: राहुल गांधी ने रखी शर्त- “पहले सदन में आएं गृहमंत्री”
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध समाप्त करने की दिशा में केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत का दौर तेज हो गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से लगभग 50 मिनट तक मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में संसद की कार्यवाही सामान्य करने, विपक्ष की मांगों और सरकार के विधायी एजेंडे पर विस्तार से चर्चा हुई।
लाठीचार्ज मामले पर संसद में चर्चा की मांग
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सरकार के सामने विपक्ष का पक्ष रखते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री सदन में उपस्थित होकर इस मामले पर आधिकारिक बयान दें। कांग्रेस का कहना है कि इस विषय पर सरकार को संसद के भीतर जवाबदेह होना चाहिए।
परिसीमन और FCRA विधेयक पर सरकार ने मांगा सहयोग
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने बैठक में प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) और FCRA संशोधन विधेयक को भी प्रमुखता से उठाया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से इन विधेयकों पर सकारात्मक सहयोग देने का आग्रह किया। हालांकि, राहुल गांधी की ओर से इन मुद्दों पर अंतिम रुख स्पष्ट नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि आगामी बैठकों में इस पर आगे चर्चा हो सकती है।
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अन्य दलों से भी जारी है संवाद
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार केवल कांग्रेस ही नहीं बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों से भी लगातार संपर्क बनाए हुए है। सरकार की कोशिश है कि परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पर व्यापक राजनीतिक सहमति बने, ताकि संसद में इसे सुचारु रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
संसद की कार्यवाही सामान्य कराने पर जोर
सरकार और विपक्ष के बीच जारी इस संवाद को संसद के गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने पर आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही सामान्य होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल सभी की निगाहें अगली बैठक और दोनों पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
