Iran US War Update: ईरान युद्ध पर ट्रंप को बड़ा झटका! सीनेट में वोटिंग से लेकर भारतीयों की मौत तक जानें 5 बड़े अपडेट

ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध अब और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। अमेरिकी सीनेट में ट्रंप की ईरान नीति पर बड़ा राजनीतिक टकराव देखने को मिला है, वहीं मिस्र तक हमले पहुंचने और खाड़ी देशों में तनाव बढ़ने से पूरे पश्चिम एशिया पर संकट गहरा गया है।

 

Iran US War: ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार नए मोड़ ले रहा है। अमेरिका की ओर से ईरान में हमले किए जा रहे हैं, जबकि ईरान की ओर से भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी हितों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। पिछले 24 घंटे में संघर्ष का असर कई देशों तक पहुंचता दिखाई दिया है।

 

अमेरिकी सीनेट में ट्रंप की युद्ध नीति पर बड़ा सियासी टकराव

 

ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शक्तियों को सीमित करने की कोशिशों पर अमेरिकी संसद में लगातार बहस हो रही है। हाल की वोटिंग में युद्ध शक्तियों को सीमित करने से जुड़ा प्रस्ताव बेहद करीबी अंतर से आगे नहीं बढ़ सका। हालांकि, ईरान युद्ध को लेकर कांग्रेस और व्हाइट हाउस के बीच टकराव लगातार जारी है।

 

विपक्षी सांसदों का तर्क है कि लंबे समय तक चलने वाले सैन्य अभियान जैसे बड़े फैसलों में कांग्रेस की भूमिका जरूरी है। वहीं ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बता रहा है।

 

मिस्र तक पहुंचा संघर्ष

 

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का दायरा अब मिस्र तक पहुंचने की खबरों से चिंता और बढ़ गई है। मिस्र के डेमिएटा बंदरगाह के पास ड्रोन हमले में गैस से जुड़े जहाजों को नुकसान पहुंचने और आग लगने की खबर सामने आई है।

 

इस हमले ने मिस्र और भूमध्यसागर से जुड़े समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हमले के लिए जिम्मेदारी को लेकर शुरुआती दावे सामने आए हैं, लेकिन इसकी पूरी तस्वीर अभी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

अमेरिका ने ईरान में किए बड़े हवाई हमले

 

अमेरिकी सेना ने ईरान के कई इलाकों में हवाई हमले किए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक बंदर अब्बास और किश तथा क़ेश्म द्वीप समेत कई स्थानों को निशाना बनाया गया। अलग-अलग जगहों पर धमाकों की खबरें सामने आई हैं।

 

इन हमलों के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।

 

ईरान का जवाबी हमला, अमेरिकी ठिकाने निशाने पर

 

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन दावों के बीच अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

 

ईरान और अमेरिका के बीच सीधे सैन्य टकराव के साथ अब खाड़ी क्षेत्र के कई देश भी सुरक्षा संकट का सामना कर रहे हैं।

 

कुवैत में चीनी कंपनी की बिल्डिंग प्रभावित

 

उत्तरी कुवैत में हुए एक हमले के दौरान एक चीनी कंपनी की इमारत को नुकसान पहुंचने की खबर है। इस घटना में एक कर्मचारी की मौत होने की जानकारी सामने आई है।

 

इस घटना से साफ है कि युद्ध का असर सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि विदेशी कंपनियों और आम नागरिकों के लिए भी जोखिम बढ़ रहा है।

 

लाल सागर में सुरक्षा के लिए नया गठबंधन

 

क्षेत्र में बढ़ते हमलों के बीच सऊदी अरब ने लाल सागर में जहाजों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन बनाने की पहल की है। रिपोर्टों के अनुसार कई देशों ने इस पहल में शामिल होने में रुचि दिखाई है।

 

लाल सागर और बाब अल मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों की सुरक्षा वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम है। इसलिए यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन और तेल परिवहन पर भी असर डाल सकता है।

 

पश्चिम एशिया संघर्ष में 16 भारतीय नागरिकों की मौत

 

भारत सरकार के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान अब तक 16 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। इनमें 10 भारतीय नाविक शामिल हैं। इसके अलावा 75 भारतीयों के घायल होने की जानकारी दी गई है।

 

मृतकों में ओमान के 8, UAE के 4, कुवैत के 2, सऊदी अरब के 1 और इराक के 1 भारतीय नागरिक शामिल बताए गए हैं।

 

वहीं घायल भारतीयों में UAE के 32, ओमान के 24, कुवैत के 13, कतर के 4, सऊदी अरब के 1 और इजराइल के 1 नागरिक शामिल हैं।

 

ईरान से 2,557 भारतीयों को निकाला गया

 

युद्ध के बीच ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार की ओर से अभियान चलाया गया। अब तक 2,557 भारतीयों को अर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी दी गई है।

 

सरकार लगातार पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित देशों में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

 

मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों को 10 लाख रुपये की मदद

 

युद्ध में जान गंवाने वाले भारतीय नाविकों के परिवारों के लिए DGMA Welfare Scheme के तहत 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया है। अब तक 16 मृतकों में से 5 मामलों में मुआवजे की राशि जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

 

ईरान अमेरिका युद्ध का असर अब कई देशों तक फैल चुका है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई, खाड़ी देशों में बढ़ता तनाव, लाल सागर की सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की मौत ने स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में संघर्ष का दायरा और बढ़ता है या कूटनीतिक बातचीत से तनाव कम होता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर है।

 

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