Ahmedabad Firecracker Factory Blast: वस्त्राल में पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 8 मजदूरों की मौत
रामोल-गतराड मार्ग पर महमूदपुरा टैलेंट के पास हुआ हादसा, धमाके के बाद लगी आग.. 25 मजदूर थे अंदर
अहमदाबाद। अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में शनिवार को पटाखा फैक्ट्री में धमाके के बाद आग लग गई। आग के बीच हुए तेज धमाकों से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसा रामोल से गतराड जाने वाले रास्ते पर महमूदपुरा टैलेंट के पास हुआ। इसमें आठ लोगों की मौत हो गई है, वहीं 15 से अधिक लोग जख्मी हुए हैं। यह गुजरात के लिए एक दर्दनाक घटना है।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और फैक्ट्री में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
RAF कैंप के पास हुआ हादसा.. जवानों ने तुरंत शुरू किया रेस्क्यू
हादसे के पास में ही रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) का कैंप है। धमाके की आवाज सुनते ही RAF जवान तुरंत घटनास्थल पहुंचे और लोगों का रेस्क्यू किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के साथ राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
महमूदपुरा में मेहुल डोडिया नामक एक व्यक्ति ने पटाखा फैक्ट्री चला रखी थी। शनिवार दोपहर उसमें अचानक आग लगी और जोरदार धमाका हुआ।
25 मजदूर थे अंदर.. लगातार हो रहे थे धमाके
स्थानीय लोगों के मुताबिक आग लगने के कुछ ही देर बाद फैक्ट्री के भीतर लगातार धमाकों की आवाजें आने लगीं, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 25 लोग काम कर रहे थे।
पटाखों का कारखाना होने के कारण आग ने तेजी से भयंकर रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरे कारखाने को अपनी चपेट में ले लिया। घायलों को तत्काल विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
यह उन परिवारों के लिए बड़ा झटका है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।
आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं
फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगी।
आग की भयावहता को देखते हुए ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। महापौर हितेश बारोट ने बताया कि फैक्ट्री झोपड़ी जैसी जगह पर चल रही थी, इसके कारण आग लगी।
फिलहाल, अहमदाबाद पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। घायलों का इलाज जारी है और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की गई है। यह एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
